भारतरत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के परिनिर्वाण दिवस की पूर्व संध्या पर आज एक विचार गोष्ठी का आयोजन सविता महासभा की ओर से प्रकाश टाकीज के पास ब्रिटिश इंग्लिश इंस्टीट्यूट पर संपन्न हुआ।जिसकी अध्यक्षता पिछड़ा वर्ग एकीकरण समित के प्रदेश अध्यक्ष बेचें सिंह पाल ने की और संचालन राकेश राही ने किया।
विशिष्ट अतिथि हरिशंकर पटेल सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी अपना दल, अध्यक्ष बेंचे सिंह पाल, सविता महासभा के संरक्षक श्री कृष्ण वर्मा आदि ने कर्पूरी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर गोष्ठी का शुभारंभ किया।

वक्ताओं ने जननायक को भारत रत्न प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार के प्रति पुनः आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कर्पूरी फार्मूले के अंतर्गत सामाजिक आर्थिक रूप से अत्यंत पिछड़े एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व की दृष्टि से शून्य और दयनीय स्थिति में रह रहे वंचित वर्गों के कल्याण के लिए केंद्रीय और राज्यस्तरों पर समुचित प्रबंध किए जाएं, ताकि सामाजिक न्याय की अवधारणा मूर्त रूप लेती दिखाई पड़े और अपना हक सम्मान और आरक्षण लूट लिए जाने से व्याकुल वंचित वर्गों में यह अहसास प्रबल हो सके कि वर्तमान सरकार कर्पूरी जी के नाम पर वंचित वर्गों का वोट लेने मात्र को लालायित नही है बल्कि उन वर्गों को संवैधानिक मूल्यों के आधार पर न्याय आदि दिलाने के लिए भी सचमुच प्रयत्नशील है।

इस अवसर पर ज्ञानार्थी द्वारा प्रस्तुत चार प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए, जिनमे पहले प्रस्ताव में इस बात पर चिंता प्रकट की गई कि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 2018 में कर्पूरी जी के पुत्र अब केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर के समक्ष लखनऊ में घोषणा की गई थी कि प्रदेश के हर जिले में कर्पूरी जी के नाम से एक मुख्य मार्ग का नामकरण लोक निर्माण विभाग करेगा,किंतु विगत 6 वर्षों में इस घोषणा पर अमल क्यों नहीं हो पाया,यह जांच कर इसे तुरंत अमल में लाया जाए।

दूसरे प्रस्ताव में कहा गया कि इटावा जिला मुख्यालय पर एक स्थान निर्धारित कर एक पार्क तथा उनके नाम से होने वाले आयोजनों के लिए एक बहु उद्देशीय हाल का निर्माण कराने के लिए महासभा की ओर से एक पत्र ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधान मंत्री मुख्य मंत्री को भिजवाया जाए।

तीसरे प्रस्ताव में केंद्र एवं प्रदेश सरकार को ध्यानाकर्षित किया गया कि कर्पूरी जी ने जिन वंचित वर्गों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए प्रयत्न किया था, उन वंचित वर्गों के कल्याण रोज़गार आदि के लिए केंद्रीय स्तर पर पर्याप्त उपाय किए जाए जिसका लाभ प्रत्येक प्रदेश के वंचित नागरिकों को मिल सके।

चौथे एवं अंतिम प्रस्ताव में संसद एवं सभी विधान मंडलों में अति पिछड़ा वर्ग के वंचित वर्गों की प्रतिभाओं को समुचित प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए समस्त राजनीतिक दल प्रयास करें ताकि इन वर्गों का समुचित प्रतिनिधित्व संभव हो सके और देश प्रदेश के नव निर्माण एवं विकास में विधान निर्माण में इन्हे भी संवैधानिक मूल्यों के अनुसार समान अवसर प्राप्त हो सकें, जो कि मंडल आयोग की गलत सूची निर्धारण के कारण कुछ दबंग वर्गों की लूट के कारण संभव नहीं हो पाए हैं।

इस अवसर पर सेवानिवृत्त सी आर पी एफ इंस्पेक्टर बाबू राम,महेंद्र सिंह,आनंद कुमार, वंश श्रीवास्तव,अभिषेक ,गौरव समारोह संयोजक रवींद्र कुमार अध्यक्ष सविता महासभा एवं महासचिव अनिल कुमार आदि दो दर्जन लोगों ने प्रस्तावों पर मुहर लगाई और आगे कार्य वाही करने के लिए रवींद्र कुमार को अधिकृत किया , प्रस्ताव न माने जाने पर धरना प्रदर्शन की तैयारी करने का आवाहन भी किया गया।
