चार साल पुराने एक गंभीर मामले में अदालत ने दोषी को कठोर सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार ने आरोपी श्यामपाल उर्फ श्यामू को 7 साल की सजा और 13 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना न चुकाने की स्थिति में दोषी को 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वाक्या 5 मार्च 2020 की है। मोहल्ला हर्ष नगर चौगुरजी निवासी संजय कुमार त्रिपाठी दूध देने के लिए अपनी पत्नी के साथ बाहर गए थे। इस दौरान उनकी बेटियां शिवानी और 12 वर्षीय सलोनी घर पर अकेली थीं।
शाम करीब साढ़े सात बजे उनके किराएदार श्यामपाल ने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलते समय सलोनी की अंगुली दब गई, जिस पर श्यामपाल ने उसके साथ मारपीट कर दी। जब बड़ी बहन शिवानी के विरोध पर आरोपी ने गुस्से में आकर उसे पड़ोस की 25 फुट ऊंची छत से धक्का दे दिया था ।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता तरुण कुमार शुक्ला ने ठोस पैरवी की, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है और समाज में यह संदेश गया है कि ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को कानून छोड़ेगा नहीं।
