वृंदावन: प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की रात्रिकालीन संकीर्तन यात्रा को लेकर उठे विवाद के बीच डॉ. आशीष दीक्षित ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में महाराज जी की यात्रा को पूर्ण सुरक्षा देने और इसे पुनः प्रारंभ करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि दिव्य संत प्रेमानंद महाराज जो रात्रि में संकीर्तन यात्रा निकालने वाले थे, उनकी यह यात्रा गैर-ब्रजवासियों के विरोध के चलते स्थगित कर दी गई। इसके चलते उनके भक्तों में गहरी निराशा है।

गुरुदेव प्रेमानंद महाराज स्वयं गंभीर बीमारी से पीड़ित होते हुए भी अपने भक्तों के लिए रात्रि दो बजे वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर आकर दर्शन देते थे। उनके मार्गदर्शन से करोड़ों लोग भक्ति मार्ग से जुड़े हैं, और उनके आशीर्वाद से भक्तों को अशुद्ध जीवन से मुक्ति मिली है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि महाराज का विरोध करने वाले लोग मूल रूप से ब्रज के निवासी नहीं हैं। बड़ी-बड़ी कॉलोनियों में रहने वाले कुछ लोगों को गुरुदेव के “राधा नाम” के संकीर्तन से आपत्ति हुई, जिससे यह विवाद खड़ा हुआ।

डॉ. आशीष दीक्षित ने ज्ञापन में यह अपील की है कि महाराज की यात्रा को पुनः प्रारंभ करने की उचित व्यवस्था की जाए और उन्हें विशेष सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे संत धरती पर यदा-कदा ही जन्म लेते हैं, और वृंदावन की पवित्र भूमि पर गुरुदेव के अवतरण से जो मानव कल्याण हो रहा है, वह सतत चलता रहे, यह सुनिश्चित किया जाए।
