खड़कौली में सरकारी अभिलेखों में दर्ज आम रास्ता एवं सिंचाई की नाली पर तहसीलदार से लिखित शिकायत के बावजूद कोई कार्यवाही न होने और ग्राम पंचायत द्वारा इसी लिंक रोड के निर्माण को अतिक्रमणकारियों द्वारा रोके जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सदर तहसील में किसान सभा के नेतृत्व में धरना दिया।
किसान सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष विश्राम सिंह यादव और जिलामंत्री संतोष शाक्य ने तहसील में किसानों और कमजोर वर्ग की अनदेखी पर चिंता व्यक्त करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। रसोईया एवं आंगनबाड़ी यूनियनों के प्रांतीय नेता अमर सिंह शाक्य ने सदर तहसील में भ्रष्टाचार की स्थिति को गंभीर बताते हुए आरोप लगाया कि तहसीलदार की छत्रछाया में कुछ लेखपाल मनमानी कर धन उगाही कर रहे हैं। उन्होंने उपजिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर जनता को न्याय दिलाने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो 20 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

किसान सभा के प्रांतीय महामंत्री मुकुट सिंह ने प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि सरकारी प्रशंसा पत्र प्राप्त करने के लिए जन शिकायतों का झूठा निस्तारण दिखाकर शासन को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी समस्याएं ही बड़े आंदोलन का रूप लेती हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे फसलों के लाभकारी मूल्य, बिजली निजीकरण, स्मार्ट मीटर योजना को रद्द करने, न्यूनतम वेतन, बेरोजगारी, महंगाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार व दमन के खिलाफ एकजुट हों। उत्तर प्रदेश किसान सभा ने इस आंदोलन को पूरा समर्थन देने की घोषणा की।
धरने की अध्यक्षता नरायण सिंह यादव ने की और संचालन संतोष शाक्य ने किया। कामरेड ओपी सिंह, इंद्रपाल यादव, पिंटू शाक्य, रामलखन शाक्य, अनिल कुमार, भोले सिंह, योगेन्द्र सिंह, राजू शाक्य, राजकुमार आदि ने अपनी-अपनी शिकायतें रखीं।
