संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी अभियान के तहत इटावा के सांसद जितेन्द्र कुमार दोहरे को एसकेएम की तरफ से मुकुट सिंह ने ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों की लंबित मांगों और केन्द्र सरकार के साथ हुए लिखित समझौते को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री का ध्यान खींचने हेतु मामले को संसद में उठाने की अपील की गई। सांसद ने किसानों की मांगों को संसद में उठाने का आश्वासन दिया।
केन्द्र सरकार द्वारा हाल ही में कृषि बाजार नीति बनाने के मसौदे को वापस लेने, एमएसपी की गारंटी कानून, ऋण माफी, बिजली निजीकरण बिल की वापसी, और अन्यायपूर्ण तरीके से भूमि लूटने को रोकने जैसी कई मांगों को उठाया गया।
नई कृषि बाजार नीति का मसौदा रद्द किए गए तीन काले कृषि कानूनों का नया संस्करण है, जिसे फिर से पीछे के दरवाजे से लागू करने की कोशिश की जा रही है। यह कानून सरकारी कृषि मंडियों को समाप्त कर बहुराष्ट्रीय कंपनियों और कॉरपोरेट्स को फायदा पहुंचाने, ई-नाम और ठेका खेती के माध्यम से लूट की छूट देने का रास्ता खोलेगा। इस नीति के तहत खेती को फ्यूचर ट्रेड और शेयर मार्केट से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, जो कि विश्व व्यापार संगठन और विश्व बैंक के निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है। इससे खेती का कॉरपोरेटीकरण होगा और किसानों की जमीनें छीनकर उन्हें सस्ते मजदूर बनाने की साजिश की जा रही है।
प्रतिनिधि मंडल में किसान सभा के जिलामंत्री संतोष शाक्य, पूर्व अध्यक्ष अमर सिंह शाक्य, विश्राम सिंह यादव, डॉ. शौकीन समेत कई किसान नेता शामिल थे। इस अवसर पर सांसद जितेन्द्र कुमार दोहरे ने किसानों की समस्याओं को संसद में मजबूती से उठाने का आश्वासन दिया और इस आंदोलन के प्रति अपनी समर्थन की भावना व्यक्त की।
