बिजली बिलों में छूट देने के बावजूद ओटीएस (वन टाइम सैटेलमेंट) योजना जिले में रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। पहले चरण की अपेक्षा दूसरे चरण में उपभोक्ताओं की रुचि कम हो गई है, जिससे योजना का लाभ अपेक्षानुसार नहीं मिल पा रहा है।
ओटीएस योजना के तहत दो चरणों में अब तक 232 करोड़ के सापेक्ष केवल 20 करोड़ की वसूली हो पाई है। यह स्थिति तब है जब योजना को सफलता से लागू करने के लिए जिले में एक एसई, चार एक्सईएन, 10 एसडीओ और 26 जेई सहित कुल 880 से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों को तैनात किया गया है।
इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को बकाया बिलों पर छूट दी जा रही है, ताकि वे अपने पुराने बिलों को एकमुश्त भुगतान कर सकें। लेकिन योजना के दूसरे चरण में उपभोक्ताओं की ओर से कम प्रतिक्रिया मिलने के कारण अधिकारियों में चिंता बढ़ गई है।
