प्रजापिता ब्रह्मा के आदेश पर अपनी वीणा से संसार को वाणी प्रदान करने वाली ज्ञान, विद्या, कला और संगीत की देवी माता सरस्वती के आविर्भाव दिवस वसंत पंचमी के पावन अवसर पर आज पक्का तालाब स्थित जागेश्वर नाथ मंदिर पर गायत्री परिवार के परिजनों ने विधिवत यज्ञ का आयोजन किया। इस दौरान राष्ट्र और विश्व की सुख-शांति के लिए मंगलमय प्रार्थनाएं की गईं।

गायत्री परिवार के परिजन पिछले चार दशक से अधिक समय से नियमित रूप से इस यज्ञ का आयोजन करते आ रहे हैं। इस वर्ष भी यज्ञ के माध्यम से देश और दुनिया में शांति, समृद्धि और सद्भावना की कामना की गई। इस अवसर पर गायत्री परिवार के संस्थापक प्रातः स्मरणीय आचार्य राम शर्मा के आध्यात्मिक जन्मदिन पर भी आहुतियां अर्पित की गईं। साथ ही युग निर्माण योजना और विचार क्रांति अभियान को गतिशील बनाने के लिए नई पीढ़ी के युवाओं और बच्चों को संकल्प दिलाया गया।

इस मौके पर दशकों पूर्व गायत्री परिवार के आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले प्रथम पंक्ति के प्रातः स्मरणीय परिजनों के श्रद्धावान संस्कारित वंशजों सर्व शिववंश सिंह भदौरिया, एस एन चौधरी, वीर सिंह राठौर, एस पी झा, दीप चंद्र, मुन्ना लाल शर्मा, सूर्य कांत त्रिपाठी, सुदेश आनंद और लाड़ो मिश्रा, सरिता आदि का माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया। उनके पूर्वजों की सेवाओं का गुणगान करते हुए वर्तमान पीढ़ी के समाज और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की सराहना की गई।

सर्व राम गोपाल चतुर्वेदी, कृष्ण मनोहर दीक्षित, राजा पिस्तम गुप्ता, अविनाश चौरसिया आदि द्वारा संयुक्त रूप से नियमित रूप से संयोजित यज्ञ की श्रृंखला में आज सर्व सुदीप त्रिवेदी व रेनू त्रिवेदी, सूर्य कांत त्रिपाठी व सुनीता, श्याम बिहारी वर्मा व प्रतिमा वर्मा, अविनाश व निशा चौरसिया, हर नारायण पाठक व सीमा, कृष्ण मनोहर व कान्ति दीक्षित, गणेश ज्ञानार्थी व गिरिजा, सुदेश आनंद आदि ने सपत्नीक यज्ञ में भाग लिया। इसके अलावा डॉक्टर जय कृष्ण तिवारी, बाल गोपाल दुबे, अक्षय राठौर, अजय प्रकाश सविता, वीरेंद्र बाथम, बृजेश पटेल, लाल जी, रवींद्र कुमार शंखवार, ऋषभ प्रताप राजावत, कौस्तुभ त्रिवेदी, अंकित शंखवार, कृष्ण, सुमित, शिवम, अमित राठौर, धुल्लन वर्मा, राहुल भदौरिया, प्रतीक दीक्षित, अनय, विकास चौरसिया, शिवांश, कुमारी वैष्णवी वर्मा, कु सुप्रीता, कु विभूति, कु अनन्या आदि लगभग सात दर्जन श्रद्धालुओं एवं बालक-बालिकाओं ने समस्त देवों, नवग्रहों, पंचतत्वों, गुरुजन, गुरुमाता जी आदि को आहुतियां अर्पित कर सबके उत्तम स्वास्थ्य एवं सर्व कल्याण की प्रार्थना की।
