उत्तर प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण एवं पारिस्थितिकीय पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर वर्ष विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर वन विभाग द्वारा बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में आज इटावा सफारी पार्क में नेचर एवं बर्ड फेस्टिवल 2025 का आयोजन भव्य रूप से किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रूपक डे, सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. राजीव चौहान, महासचिव, सोसाइटी फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर, ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
इस अवसर पर सफारी पार्क के बफर क्षेत्र में विकसित की गई 4.5 किलोमीटर लंबी नेचर ट्रेल का फीता काटकर शुभारंभ डॉ. रूपक डे द्वारा किया गया। इस नेचर ट्रेल के माध्यम से सफारी पार्क में पाई जाने वाली समृद्ध जैव विविधता को आकर्षक साइनेज के जरिए प्रदर्शित किया गया है।

इटावा के 18 विद्यालयों के लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने इस नेचर ट्रेल पर भ्रमण किया और विभिन्न प्रकार के पक्षियों, तितलियों, पौधों एवं पेड़-पौधों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के बीच एक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथि डॉ. रूपक डे ने आर्द्रभूमि (Wetlands) पर एक महत्वपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने बताया कि 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर में आर्द्रभूमि पर आयोजित कन्वेंशन के उपलक्ष्य में हर साल यह दिवस मनाया जाता है।

डॉ. राजीव चौहान और सफारी पार्क के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने भी छात्रों को जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण के महत्व पर प्रेरक जानकारी दी।नेचर क्विज प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया:

प्रथम पुरस्कार: सलोनी (पुलिस मॉडर्न स्कूल) द्वितीय पुरस्कार: अक्षरा (पुलिस मॉडर्न स्कूल) तृतीय पुरस्कार: आर्यांस (पुलिस मॉडर्न स्कूल) सांत्वना पुरस्कार: लक्ष्य (लीडर्स इंटरनेशनल स्कूल) एवं रेयांश यादव (सुदिति ग्लोबल एकेडमी)
इस अवसर पर सफारी पार्क के समस्त स्टाफ, शिक्षकगण, पर्यावरण प्रेमी तथा मीडिया जगत से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार भी उपस्थित रहे।
