बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जनपद के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विशिष्ट अधिगम अक्षमता (स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी) वाले दिव्यांग बच्चों की स्क्रीनिंग करने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार के निर्देशन में अर्चना सिन्हा, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा द्वारा आयोजित की गई। कार्यशाला का आयोजन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सभागार कक्ष में हुआ।
कार्यशाला में इटावा की बाल एवं वयस्क मनोवैज्ञानिक उष्मा मिश्रा ने स्पेशल एजूकेटर्स को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि स्पेसिफिक लर्निंग डिसआर्डर या डिसेबिलिटी की पहचान कैसे की जाए। इसमें रीडिंग, राइटिंग और गणना (अर्थमेटिंग) में आने वाली समस्याओं की पहचान पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी बताया कि विशिष्ट अधिगम वाले बच्चों का आई.क्यू. 85 होना अनिवार्य है और उनकी सुनने-देखने की क्षमता भी सामान्य होनी चाहिए।

उष्मा मिश्रा ने इस बात पर भी ध्यान आकर्षित किया कि बच्चा चश्मे का प्रयोग करने के बाद भी अच्छे से देख पा रहा हो और किसी प्रकार की भावनात्मक या व्यवहारिक समस्याओं से ग्रस्त न हो। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चा चंचल या हाईपर एक्टिव नहीं होना चाहिए और कार्यों को घबराहट के कारण बार-बार दोहराना नहीं चाहिए। इन सभी बिंदुओं पर प्रशिक्षण के दौरान गहराई से चर्चा की गई।
इसके साथ ही, सभी स्पेशल एजूकेटर्स को एक प्रारूप प्रदान किया गया, जिसके माध्यम से कक्षा-3 और 8 वर्ष या उससे ऊपर के बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी। स्क्रीनिंग के बाद, इन बच्चों को वात्सल्य चाइल्ड थेरेपी सेंटर, इटावा में प्रति दिन 2 से 3 बच्चों का असेसमेंट करने का निर्णय लिया गया। इस प्रक्रिया के तहत जनपद के 9 विकास खंडों में स्क्रीनिंग की जाएगी। प्रत्येक विकास खंड को एक दिन दिया गया है, और अभिभावक के साथ दिव्यांग बच्चों को इस कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

जनपद के विभिन्न विकास खंडों के लिए निर्धारित कार्यक्रम इस प्रकार है – सोमवार को नगर क्षेत्र और सैफई, मंगलवार को भरथना और ताखा, बुधवार को जसवंतनगर, गुरुवार को महेवा, शुक्रवार को बसरेहर, शनिवार को बढपुरा और चकरनगर के विकास खंडों में यह स्क्रीनिंग आयोजित की जाएगी। वात्सल्य चाइल्ड थेरेपी सेंटर पर बच्चों के असेसमेंट का कार्य 3 जनवरी 2025 से शुरू होने जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि जनपद के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों को उपकरण प्रदान करने के लिए 02 स्थानों पर एलिम्को पंजीकरण कैम्प का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत दिव्यांग बच्चों को उपकरण प्रदान करने की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया जाएगा।
