जिला सहकारी डेयरी फेडरेशन (डीसीडीएफ) के चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा के प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के प्रभाव में प्रशासन ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि डीसीडीएफ के सभापति केपी सिंह चौहान के कार्यकाल समाप्त होने के बाद सदस्यता के लिए एक निश्चित तिथि तय की गई थी, लेकिन सदस्यता बंद होने के एक महीने बाद अचानक बिधूना विधानसभा क्षेत्र से लगभग 800 नए सदस्य बनाए गए, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
सपा प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने सिविल लाइन स्थित अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि इन 800 नए सदस्यों की भर्ती में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के प्रभाव में प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई है। यादव ने कहा कि सपा ने इस चुनाव में कथित अनियमितताओं के खिलाफ न्यायिक कार्रवाई का निर्णय लिया है और इस मामले को अदालत में चुनौती दी जाएगी।

गोपाल यादव ने बताया कि वर्ष 1988 के बाद यह पहला मौका है जब समाजवादी पार्टी डीसीडीएफ चुनाव की दौड़ से बाहर हुई है। उन्होंने भाजपा पर चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी इस मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। सपा ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन से अनुरोध किया है कि वह भाजपा के प्रभाव से बाहर आकर निष्पक्ष कार्रवाई करे।
पत्रकार वार्ता में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें पत्रकार महासचिव वीरभान सिंह भदौरिया, आशीष राजपूत, जन्मेजय सिंह भदौरिया और प्रदीप चौहान शामिल थे। सपा नेताओं ने कहा कि यह मामला लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है, और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
