इटावा/उदी। शहर से लेकर गांव तक बंदरों के आतंक से लोग दहशत में हैं। बंदरों के हमले और पीछा करने से आए दिन हादसे हो रहे हैं, वहीं उनके काटने से भी लोग घायल हो रहे हैं। करौल मोहल्ला, घटिया अजमत अली, अशोक नगर, विजय नगर, अकालगंज, पक्का तालाब समेत करीब 12 मोहल्लों में बंदरों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं।
सिर्फ रिहायशी इलाकों में ही नहीं, बल्कि रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी बंदरों का आतंक देखने को मिल रहा है। यात्रियों को खाने-पीने के सामान के साथ-साथ अपने सामान की भी सुरक्षा करनी पड़ रही है।
ग्रामीण इलाकों में भी बंदरों की दहशत बनी हुई है। उदी, कुंडेश्वर, बसरेहर समेत कई गांवों में बंदरों के झुंड ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। 20 जनवरी को एक महिला छत पर धूप सेकने गई थी, तभी बंदरों ने उसे दौड़ा लिया। बचने के प्रयास में वह छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों के आतंक की शिकायत कई बार की गई, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।
