शहर से गांव तक बंदरों का आतंक, हमले से महिला की मौत

Share This

इटावा/उदी। शहर से लेकर गांव तक बंदरों के आतंक से लोग दहशत में हैं। बंदरों के हमले और पीछा करने से आए दिन हादसे हो रहे हैं, वहीं उनके काटने से भी लोग घायल हो रहे हैं। करौल मोहल्ला, घटिया अजमत अली, अशोक नगर, विजय नगर, अकालगंज, पक्का तालाब समेत करीब 12 मोहल्लों में बंदरों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं।

सिर्फ रिहायशी इलाकों में ही नहीं, बल्कि रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी बंदरों का आतंक देखने को मिल रहा है। यात्रियों को खाने-पीने के सामान के साथ-साथ अपने सामान की भी सुरक्षा करनी पड़ रही है।

ग्रामीण इलाकों में भी बंदरों की दहशत बनी हुई है। उदी, कुंडेश्वर, बसरेहर समेत कई गांवों में बंदरों के झुंड ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। 20 जनवरी को एक महिला छत पर धूप सेकने गई थी, तभी बंदरों ने उसे दौड़ा लिया। बचने के प्रयास में वह छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों के आतंक की शिकायत कई बार की गई, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।

Share This
अपनी खबर या कोई समस्या इटावा लाइव पर निशुल्क प्रकाशित करने हेतु हमें Whatsapp - 7017070200, Email – etawah.news@gmail.com पर जरुर भेंजें।

Read more

वोट करें

हमारा इटावा

‘तपोभूमि‍ है इटावा की धरती’ पांडवों ने यहीं बनाई थी ‘महाभारत युद्ध’ की योजना

जनपद इटावा डेढ़ सौ वर्ष पुराना जि‍ला है। वर्तमान में यह कानपुर कमि‍श्‍नरी में शामि‍ल है। पूर्व में यह आगरा एंव इलाहाबाद कमि‍श्‍नरी में...

शिक्षाविद

इटावा में शिक्षा को संस्कार और आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ा रहे शिखर चतुर्वेदी

इटावा की धरती ने सदैव ऐसे प्रेरक व्यक्तित्व दिए हैं जिन्होंने शिक्षा, संस्कृति और समाज को नई दिशा दी। इन्हीं में एक नाम है...

राजनीतिज्ञ

एक जीत से बलराम सिंह को मि‍ली थी प्रसि‍द्ध

केन्‍द्र एंव उत्‍तर प्रदेश मे मंत्री रह चुके बलराम सिंह यादव  (कांग्रेस) के राजनीति‍क जीवन का स्‍वर्णिम अवसर था 1980 का जसवंतनगर वि‍धानसभा चुनाव,...

प्रशासनिक अधिकारी

संकट प्रबंधन में माहिर SSP इटावा ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव (IPS)

ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव भारतीय पुलिस सेवा के उन अधिकारियों में गिने जाते हैं जिन्होंने अपनी लगन, मेहनत और ईमानदारी से सेवा में विशेष पहचान...

प्रमुख संस्थान

आयुर्वेदिक चिकित्सा का सबसे विश्सनीय केंद्र पतंजलि चिकित्सालय, हर्षनगर, इटावा

पतंजलि चिकित्सालय, इटावा में सबसे पुराना और विश्वनीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय है। इस चिकित्सालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य लोगों को आयुर्वेद के माध्यम से...

चिकित्सक

डॉ. डी. के. दुबे : एक प्रख्यात हड्डी रोग विशेषज्ञ

जनपद इटावा सहित आस-पास के जिलों में हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. डी. के. दुबे का नाम प्रमुखता से लिया जाता है,...

चर्चित व्यक्तिव

इटावा के ‘फैब फोर’: आकर्षक व्यक्तित्व और बेमिसाल प्रशासन का परफेक्ट कॉम्बो

इटावा में इन दिनों चार प्रमुख अधिकारियों की चर्चा जोरों पर है। जिलाधिकारी अवनीश राय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी...

पत्रकार

वहाज अली खान “निहाल”: एक सकारात्मक पत्रकार जिसे इटावा से प्रेम है

जनपद इटावा में निहाल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक बहुत चर्चित नाम है निहाल का पूरा नाम वहाज अली खान उर्फ निहाल है। निहाल...

टॉप आर्टिकल्स

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

व्यवसायी

सर्वेश यादव : एक समर्पित समाजसेवी और सुरक्षा एजेंसी के प्रबंधक

सर्वेश यादव, जनपद इटावा ही नहीं पूरे प्रदेश की सबसे भरोसेमंद सिक्योरिटी एजेंसी "एस.के. ग्रुप ऑफ सिक्योरिटी सर्विस" के प्रबंधक हैं। वे एक व्यवहार...

समाजसेवी

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

पूर्व अधिकारी

अवनीश कुमार राय: इटावा के पूर्व जिलाधिकारी एवं शानदार सुप्रशासक

अवनीश कुमार राय, जिलाधिकारी इटावा, एक कुशल प्रशासक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनका जन्म 25 जुलाई 1989 को हुआ। वे...