30 जनवरी 2025: जिला अधिकारी द्वारा 26 जनवरी को दिए गए सख्त निर्देशों के बावजूद, शहर के पेट्रोल पंप संचालक खुलेआम नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट आदेश जारी किया था कि बिना हेलमेट वाले किसी भी दोपहिया वाहन चालक को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है।
शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ के बोर्ड तो लगे हुए हैं, लेकिन उनका पालन कहीं भी नहीं हो रहा है। पेट्रोल पंप कर्मचारी बिना किसी रोक-टोक के बिना हेलमेट वाले ग्राहकों को पेट्रोल दे रहे हैं, जो न केवल जिला प्रशासन के आदेश की अवमानना है, बल्कि सड़क सुरक्षा नियमों की भी अनदेखी है। यह समस्या इटावा के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर देखने को मिल रही है, और प्रशासन के आदेश की स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जबकि बोर्ड और निर्देश साफ हैं, पेट्रोल पंप संचालक या तो प्रशासनिक कार्रवाई से बेखौफ हैं या फिर उन्हें नियमों का उल्लंघन करने की आदत हो चुकी है। यह स्पष्ट है कि यदि इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो यह आदेश मात्र कागजों तक ही सीमित रह जाएगा और सड़क सुरक्षा के उद्देश्य पर पानी फिर जाएगा।
जिला प्रशासन ने हेलमेट की अनिवार्यता इसलिए लागू की थी ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। लेकिन जब नियमों का पालन नहीं किया जाएगा, तो यह पहल कितनी प्रभावी हो सकती है, यह एक बड़ा सवाल है।
