जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में जुगाड़ वाहन बड़ी संख्या में चल रहे हैं, जो सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। इन वाहनों में न तो प्रदूषण प्रमाण पत्र होता है, न पंजीकरण, न बीमा, और न ही साइलेंसर होता है। इसके बावजूद इन वाहनों पर न तो कोई रोकथाम की जा रही है, न ही किसी प्रकार की जांच की जा रही है। सिस्टम पर भारी इन जुगाड़ वाहनों के चलते शहर में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं।
इटावा-बरेली हाईवे पर मंगलवार को ऐसे ही कई जुगाड़ वाहनों का नजारा देखने को मिला, जिनमें लंबी पाइप, सरिया, ईंट आदि का अवैध रूप से ढुलाई की जा रही थी। इन वाहनों में से किसी के पास वाहन के कागजात नहीं थे और न ही किसी पर नंबर प्लेट लगी थी। सेंगर नदी पुल के पास ओवरलोड भूसा लदी जुगाड़ गाड़ी को देखा गया, जिसमें न तो कोई आवश्यक दस्तावेज थे और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था।

भरथना चौराहा पर एक और जुगाड़ वाहन देखा गया, जो एक मोटरसाइकिल से बनाई गई थी और जिसका आकार सात से आठ फीट था। इस पर माल लादने के लिए 20-20 फीट के कई एंगल रखे गए थे, लेकिन कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। इस वाहन पर कोई कपड़ा भी नहीं बांधा गया था, जिससे यह खतरे का कारण बन सकता है। यदि कोई व्यक्ति सामने से आ रहा है, तो वह दुर्घटना का शिकार हो सकता है।
शहर में बिल्डिंग मटेरियल के व्यापारियों द्वारा इन जुगाड़ वाहनों का अधिक उपयोग किया जा रहा है और क्षेत्र में कुछ लोग इन वाहनों से यात्रा भी करते हैं। शहर से लेकर गांव तक सैकड़ों जुगाड़ वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
