इटावा। जिले के युवाओं के स्वरोजगार स्थापित करने के सपने बैंकों की कार्रवाई से अधूरे रह रहे हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत बेरोजगारों को कारोबार के लिए ऋण मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को रोजगार सृजन के लिए प्रेरित करना था, लेकिन बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृत नहीं किए जाने से युवाओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वित्तीय वर्ष समाप्त होने में केवल दो महीने का समय बचा है, और उद्योग विभाग के अनुसार, बीते 10 महीनों में 222 आवेदन विभिन्न बैंकों में ऋण स्वीकृति के लिए भेजे गए। इनमें से केवल 46 आवेदन ही स्वीकृत हुए हैं, जबकि शेष 176 आवेदन अब भी बैंकों में लंबित हैं और अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
उद्योग विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक समस्याएं एसबीआई और सेंट्रल बैंक द्वारा उत्पन्न की जा रही हैं। एसबीआई ने 53 आवेदनों में से केवल एक आवेदन को स्वीकृति दी है। इसके अलावा कई अन्य बैंक भी सिर्फ एक-दो आवेदनों को ही स्वीकृति दे रहे हैं, जबकि अन्य आवेदनों को लंबित रखा जा रहा है।
