इटावा पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते आज “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत माननीय न्यायालय इटावा द्वारा हत्या के आरोपी कुल सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 25,000-25,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। इसके अलावा, सात अभियुक्तों में से दो अभियुक्तों को अतिरिक्त 15,000-15,000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
यह मामला 11 जनवरी 2015 का है, जब वादी अर्जुन सिंह पुत्र भीखम सिंह निवासी नगला घोवा ग्राम किल्ली सुल्तानपुर थाना बसरेहर ने थाना बसरेहर में लिखित तहरीर दी थी। वादी के अनुसार, सात नामजद अभियुक्तों ने एक राय होकर उनके भाई पर जान से मारने की नीयत से फायर किया, जिससे पीजीआई सैफई में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
इस सूचना पर थाना बसरेहर में मु०अ०सं० 09/2015 दर्ज कर अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। अभियुक्तों में विनोद उर्फ छोटे, राजेश उर्फ बड़े, अमन उर्फ गट्टे, विजय उर्फ शेरू, गुरूदेव, पप्पू उर्फ शकील और किशन शामिल थे, जो सभी दुर्गापुरा और सुलतानपुरा थाना बसरेहर के निवासी थे।
आज न्यायालय ने सभी सात अभियुक्तों को सात वर्ष का कारावास और अर्थदंड से दंडित किया। इस फैसले से न्याय की प्रक्रिया में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जिससे अपराधियों को कड़ी सजा मिल सके और समाज में न्याय का संदेश जाए।
