इटावा। जैसे ही ठंड की शुरुआत हुई, बाबा भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल में ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। सर्दियों में शारीरिक गतिविधियों में कमी, बीपी का अनियंत्रित होना और चिकने खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन इसका प्रमुख कारण बन रहे हैं।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वाति यादव ने बताया कि ठंड से पहले जहां रोजाना 10 से 15 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के लिए अस्पताल आते थे, अब यह संख्या बढ़कर 60 से ऊपर पहुंच गई है। सर्दियों में लोग आमतौर पर शारीरिक गतिविधियों को कम कर देते हैं, जिससे उनका रक्तचाप अनियंत्रित हो जाता है, जो ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
इसके साथ ही, चिकना और तला हुआ खाना भी इस समस्या को बढ़ाता है। डॉ. यादव ने कहा कि सर्दियों में पानी की कमी भी एक प्रमुख कारण है। लोग ठंड के कारण कम पानी पीते हैं, जो ब्रेन स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा देता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सर्दियों में लोगों को कम से कम पांच लीटर पानी पीना चाहिए।
मनो चिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. दिलीप चौबे ने कहा कि लोग अगर इस समस्या से बचना चाहते हैं तो नियमित शारीरिक गतिविधियां करें, स्वस्थ आहार लें और अधिक से अधिक पानी पीने की आदत डालें। इसके अलावा, अस्पताल में टोल-फ्री नंबर पर भी परामर्श लिया जा सकता है।
