इटावा। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की ओर से विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार मिश्रा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री मौजूद रहे। सम्मेलन में संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी, आपसी एकता और जनसेवा के मुद्दों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की इटावा जिला कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार मिश्रा ने कहा कि किसी भी संगठन की असली ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता होते हैं। कार्यकर्ताओं की एकजुटता, मेहनत और सक्रिय भागीदारी से ही संगठन अपने उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज के अधिकारों की रक्षा और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए संगठन के प्रत्येक सदस्य को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय बनाए रखने और संगठन की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। डॉ. मिश्रा ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को मिलकर काम करना चाहिए। जब कार्यकर्ता एकजुट होकर समाज के हित में कार्य करते हैं, तो जनसमस्याओं को सामने लाने और उनके समाधान की दिशा में प्रयास करने में मदद मिलती है।
मुख्य अतिथि पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने संगठन की एकता, आपसी सहयोग और जनसेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए जागरूकता और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सभी की सहभागिता महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी सहयोग और समन्वय के साथ संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता बढ़ाने और जनहित के मुद्दों पर सक्रियता से कार्य करने के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं। सम्मेलन के दौरान संगठन की भावी गतिविधियों और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई।
सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की इटावा जिला कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए कई पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। जिलाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार मिश्रा ने नई नियुक्तियों की जानकारी देते हुए बताया कि संगठन के कार्यों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों को दायित्व दिए गए हैं।
जिला कार्यकारिणी में सूर्यकांत तिवारी को जिला उपाध्यक्ष, संतोष पांडेय को जिला प्रवक्ता, आत्माराम मिश्रा को जिलाध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ, उत्कर्ष अग्निहोत्री और अनूप मिश्रा को जिला उपाध्यक्ष, अनुरुद्ध चौधरी को युवा जिलाध्यक्ष तथा अखिलेश तिवारी को जिला प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसी क्रम में अरुण प्रकाश मिश्रा एडवोकेट को भी संगठन में जिम्मेदारी दी गई। यथदन्त पांडेय को जिला महासचिव, नंदकिशोर अग्निहोत्री को जिला महामंत्री तथा महेश दुबे को जिला उपाध्यक्ष बनाया गया। रामविलास दोहरे और संजय दुबे को ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं, अरविंद तिवारी को सदस्य तथा रामहरि अवस्थी को जिला सचिव का दायित्व दिया गया।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की महिला कमेटी का विस्तार करते हुए अनुराधा दुबे को महिला जिलाध्यक्ष तथा अनीता दुबे को महामंत्री बनाया गया। इसके अलावा राधा चौहान और अनीता यादव को नगर महामंत्री, जबकि अल्का मिश्रा कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
महिला संगठन को आगे बढ़ाने के लिए सावित्री शर्मा, ज्योति प्रजापति, काव्या पांडेय, दाख श्री और राखी दिवाकर को संगठन मंत्री का दायित्व दिया गया। सम्मेलन में महिला पदाधिकारियों की भूमिका और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया। नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद संगठन के पदाधिकारियों से अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की अपेक्षा जताई गई।
कार्यकर्ता सम्मेलन में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। इनमें विश्वदीप अवस्थी एडवोकेट प्रदेश अध्यक्ष, हिमांशु अवस्थी प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रतिभा मिश्रा प्रदेश सचिव, आनंद बल्लभ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, रंजन अवस्थी क्षेत्रीय अध्यक्ष, कविता तिवारी प्रदेश अध्यक्ष, विकास उपाध्याय प्रदेश सचिव तथा अभय वर्मा शामिल रहे।
सम्मेलन के दौरान संगठनात्मक विस्तार, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों और जनहित से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत बनाने तथा आपसी सहयोग के साथ कार्य करने पर जोर दिया। जिला कार्यकारिणी के विस्तार को संगठन की गतिविधियों को व्यवस्थित करने और विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियां निर्धारित करने की दिशा में एक कदम बताया गया।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के इस सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को संगठन के उद्देश्यों के प्रति सक्रिय रहने और जनसेवा से जुड़े कार्यों में भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक एकता को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करना और जिले में संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाना रहा।
