इटावा। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज में व्याप्त कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से इटावा पुलिस द्वारा मिशन शक्ति 6.0 के अंतर्गत लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक नगर के नेतृत्व में इटावा पुलिस और जिला प्रोबेशन विभाग की संयुक्त टीम ने थाना बसरेहर क्षेत्र के ग्राम कृपालपुर में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और महिलाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों, इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों, बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा तथा उनके कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई।

जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को रोकना और लोगों को इसके प्रति जागरूक बनाना रहा। कार्यक्रम में बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक, शैक्षिक और सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। कम उम्र में विवाह होने से विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा प्रभावित होती है और उनके सामने स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा भविष्य में आत्मनिर्भर बनने से जुड़ी कई चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने, अपने व्यक्तित्व का विकास करने और बेहतर भविष्य बनाने के पर्याप्त अवसर दिए जाने चाहिए।
इटावा पुलिस एवं जिला प्रोबेशन विभाग की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों को बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रथा को रोकने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। बाल विवाह केवल संबंधित परिवार का निजी मामला नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। इसे रोकने के लिए परिवार के सदस्यों, ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और जिम्मेदार नागरिकों को आगे आना चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में बाल विवाह की तैयारी की जानकारी मिलती है, तो समय रहते संबंधित अधिकारियों या पुलिस को सूचना देकर इसे रोकने में सहयोग किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। शिक्षा के माध्यम से बालिकाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनती हैं और भविष्य में आत्मनिर्भर होकर अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम होती हैं। अभिभावकों से अपील की गई कि वे बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता दें और उनकी कम उम्र में शादी करने के बजाय उन्हें शिक्षित तथा सशक्त बनाने पर ध्यान दें।
जागरूकता अभियान में महिलाओं और ग्रामीणों को बाल विवाह रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी दिलाई गई। सभी से अपील की गई कि वे अपने परिवार और गांव में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को बढ़ावा न दें तथा इस तरह की किसी भी घटना की जानकारी मिलने पर संबंधित पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें। सामुदायिक सहभागिता को इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया, ताकि ग्रामीण स्वयं भी अपने आसपास होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए जागरूक और जिम्मेदार बन सकें।
कार्यक्रम के दौरान लघु फिल्म के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया गया। फिल्म के जरिए बाल विवाह के दुष्परिणामों और बच्चों के भविष्य पर पड़ने वाले इसके प्रभावों को समझाने का प्रयास किया गया। दृश्य माध्यम से दी गई जानकारी के जरिए ग्रामीणों को इस सामाजिक कुप्रथा की गंभीरता से अवगत कराया गया। साथ ही यह संदेश दिया गया कि बच्चों का सुरक्षित बचपन, बेहतर शिक्षा और स्वस्थ विकास सुनिश्चित करना परिवार तथा समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
मिशन शक्ति 6.0 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, अधिकारों और कल्याण से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों से सहायता और मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को उपलब्ध सहायता व्यवस्था से परिचित कराना तथा महिलाओं और बालिकाओं से जुड़े मुद्दों पर समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है।
इटावा पुलिस द्वारा मिशन शक्ति 6.0 के अंतर्गत चलाया जा रहा यह अभियान महिला सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बाल विवाह जैसी कुप्रथा की रोकथाम के लिए केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को इसके दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है। ग्राम कृपालपुर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को बाल विवाह रोकने, बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने और जरूरत पड़ने पर पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
इटावा पुलिस और जिला प्रोबेशन विभाग की संयुक्त टीम ने इस अभियान के माध्यम से समाज को संदेश दिया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, शिक्षा और विकास का अवसर मिलना चाहिए। बाल विवाह रोकने के लिए परिवारों और ग्रामीण समुदायों की जागरूकता तथा सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। मिशन शक्ति 6.0 के तहत इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।
