इटावा। दशहरा पर्व के अवसर पर दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) इटावा में उत्साह, उमंग और भारतीय संस्कृति की झलक के बीच विशेष आयोजन किया गया। विद्यालय के प्री-प्राइमरी के नन्हे विद्यार्थियों ने रामायण के प्रसंगों को जीवंत करते हुए भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और भगवान हनुमान के रूप में आकर्षक प्रस्तुति दी। इस अवसर पर रावण के पुतले का दहन कर बुराई पर अच्छाई की शाश्वत विजय का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन में सदाचार के महत्व से परिचित कराया गया।

विद्यालय की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, दशहरा उत्सव का उद्देश्य केवल रावण दहन की परंपरा निभाना नहीं, बल्कि बच्चों को इस पर्व के वास्तविक अर्थ और उससे मिलने वाली सीख से जोड़ना भी रहा। नन्हे विद्यार्थियों ने रामायण के प्रमुख पात्रों की वेशभूषा धारण कर अपनी प्रस्तुति से उत्सव को खास बनाया। भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूप में सजे बच्चों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने का अवसर दिया।
दशहरा पर्व भगवान श्रीराम की ओर से रावण पर विजय प्राप्त करने और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है। डीपीएस इटावा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रावण के पुतले का दहन इसी संदेश के साथ किया गया कि जीवन में अच्छाई, सत्य और सदाचार का मार्ग अपनाना चाहिए। विद्यालय ने इस परंपरा को बच्चों के लिए नैतिक शिक्षा का माध्यम बनाया और समझाया कि रावण के दस सिर केवल एक पौराणिक पात्र का प्रतीक नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर मौजूद विभिन्न बुराइयों की ओर भी संकेत करते हैं।
विद्यालय की ओर से साझा संदेश में कहा गया कि इस दशहरे पर केवल रावण का पुतला ही नहीं जलाया गया, बल्कि उन बुराइयों को भी त्यागने का संकल्प लेने की प्रेरणा दी गई, जो व्यक्ति और समाज को कमजोर बनाती हैं। अहंकार, दूसरों को परेशान करना, बेईमानी, ईर्ष्या, नफरत, लालच, भेदभाव और क्रूरता जैसी प्रवृत्तियों को जीवन से दूर करने का संदेश दिया गया। बच्चों को समझाने का प्रयास किया गया कि दशहरे की वास्तविक जीत तभी सार्थक होती है, जब मनुष्य अपने भीतर की नकारात्मकता पर विजय प्राप्त करता है।
कार्यक्रम में प्री-प्राइमरी के विद्यार्थियों की भागीदारी विशेष आकर्षण रही। रामायण के पात्रों के रूप में सजे बच्चों ने भारतीय परंपराओं और धार्मिक-सांस्कृतिक मूल्यों को सहज एवं आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया। इस तरह के आयोजन छोटे बच्चों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, सहभागिता और नैतिक समझ विकसित करने में सहायक होते हैं।
विद्यालय में इस प्रकार के उत्सवों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय महाकाव्यों, उनके पात्रों और उनसे मिलने वाली जीवनोपयोगी शिक्षाओं से परिचित कराने का प्रयास किया जाता है। भगवान श्रीराम के सत्य, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के आदर्श तथा माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान से जुड़े प्रसंग बच्चों को परिवार, समर्पण, साहस और सेवा जैसे मूल्यों को समझने की प्रेरणा देते हैं।
डीपीएस इटावा के दशहरा आयोजन का संदेश रहा कि बच्चों में अच्छे संस्कारों का विकास प्रारंभिक अवस्था से ही किया जाना चाहिए। विद्यालय ने विद्यार्थियों को दूसरों के प्रति दयालु रहने, सत्य का साथ देने, ईमानदारी अपनाने और सभी के साथ समान व्यवहार करने की प्रेरणा दी। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि किसी के साथ भेदभाव करना, उसे परेशान करना या उसके प्रति नफरत रखना उचित नहीं है।
रावण दहन के प्रतीकात्मक महत्व को समझाते हुए बच्चों को बताया गया कि अच्छाई की जीत केवल किसी एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवन में लगातार सही निर्णय लेने और गलत प्रवृत्तियों से दूर रहने का संकल्प है। जब व्यक्ति अपने व्यवहार में विनम्रता, ईमानदारी, प्रेम और सहयोग को स्थान देता है, तभी समाज में सकारात्मक बदलाव संभव होता है।
डीपीएस इटावा में दशहरा उत्सव के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का संदेश भी दिया गया। विद्यालय का प्रयास रहा कि विद्यार्थी त्योहारों को केवल मनोरंजन या उत्सव के रूप में न देखें, बल्कि उनके पीछे छिपे नैतिक और सामाजिक संदेशों को भी समझें। रामायण जैसे महाकाव्य बच्चों को आदर्श जीवन, कर्तव्य, सत्य और धर्म के महत्व से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की ओर से सभी को शुभ नवरात्रि और दशहरा की शुभकामनाएं दी गईं। इस आयोजन ने बच्चों को अच्छाई अपनाने, बुराइयों से दूर रहने और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। संदेश स्पष्ट रहा कि दशहरे का वास्तविक उत्सव तभी पूरा होता है, जब हर व्यक्ति अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त कर अच्छाई, प्रेम और सद्भाव को अपनाने का प्रयास करे।
