लखनऊ। श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख नेता एवं विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रद्धेय अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी वर्ष (1926-2026) के उद्घाटन समारोह का आयोजन रविवार को लखनऊ में किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतों, धर्माचार्यों, विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों तथा विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सहभागिता की। समारोह में अशोक सिंघल के जीवन, उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक योगदान तथा श्री राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका को याद किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धेय अशोक सिंघल को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र, सनातन धर्म और हिंदू समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल के जीवन का प्रमुख संकल्प श्री राम जन्मभूमि से जुड़ा था और उन्होंने इस आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल के प्रयासों और नेतृत्व को आज अयोध्या धाम में निर्मित भव्य श्री राम मंदिर के रूप में देखा जा सकता है।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने भी अशोक सिंघल के जीवन और उनके कार्यों को याद किया। विहिप के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि अशोक सिंघल ने हिंदू समाज की एकता, सामाजिक समरसता और धार्मिक शिक्षा से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि जन्मशताब्दी वर्ष के माध्यम से उनके जीवन और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
अशोक सिंघल का जन्म 27 सितंबर 1926 को आगरा में हुआ था। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से धातु इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 1942 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। बाद में उन्होंने संघ के प्रचारक के रूप में कार्य किया और विश्व हिंदू परिषद में महत्वपूर्ण दायित्व संभाला। वह लंबे समय तक विहिप के अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व से जुड़े रहे और श्री राम जन्मभूमि आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाई।
जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद की ओर से वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। संगठन के अनुसार देश के 47 प्रमुख स्थानों पर 27 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बाद वर्षभर सेवा, सामाजिक समरसता, जनजागरण, संगोष्ठियों और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल की स्मृतियां समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने उनके जीवन और कार्यों को स्मरण करते हुए विहिप द्वारा आयोजित जन्मशताब्दी वर्ष के कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में संतों, धर्माचार्यों और विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल के जीवन और उनके विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है। जन्मशताब्दी वर्ष के आयोजन उनके योगदान को स्मरण करने के साथ-साथ समाज सेवा, संगठन और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करेंगे।
