उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इटावा दौरे के दौरान जनपदवासियों को 604 करोड़ रुपये की लागत वाली 128 विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए विकास, सुरक्षा, सुशासन और सनातन संस्कृति के संरक्षण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। नुमाइश पंडाल में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इटावा की पौराणिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नमन किया तथा जनपदवासियों का अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इटावा की भूमि भारत की गौरवशाली सनातन संस्कृति और संस्कारों से जुड़ी हुई पावन धरा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले इटावा की पहचान भय और दहशत से जोड़ी जाती थी, लेकिन आज यह जनपद विकास, सुरक्षा और सम्मान की नई पहचान बना चुका है। अब इटावा के युवाओं को कहीं भी हीन भावना का सामना नहीं करना पड़ता और उन्हें समान सम्मान प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जनपद को दी गई 128 विकास परियोजनाएं जनता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सैफई के ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान में 490 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक तथा 232 करोड़ रुपये की लागत से 300 बेड का गायनी ब्लॉक तैयार किया गया है, जिससे क्षेत्र की चिकित्सा सुविधाएं और सुदृढ़ हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जनपद के 540 गांवों में लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से कार्य चल रहा है, जिससे 2.35 लाख से अधिक परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा चंबल नदी पर 296 करोड़ रुपये की लागत से सिग्नेचर ब्रिज, इटावा-कन्नौज मार्ग के सुदृढ़ीकरण हेतु 344 करोड़ रुपये तथा इटावा-करहल मार्ग के लिए 228 करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित हैं। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़कर इटावा क्षेत्र को औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।

सनातन संस्कृति के संरक्षण पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा, रामनवमी, जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाए जाते थे, जबकि आज पूरे प्रदेश में सभी धार्मिक पर्व शांति, सुरक्षा और उत्साह के साथ मनाए जा रहे हैं।
कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि प्रदेश में बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अपराधियों और अराजक तत्वों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। आज महिलाएं सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर रही हैं और व्यापारी भयमुक्त होकर व्यापार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख ग्रोथ इंजन बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” नहीं बल्कि “वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज” और “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट ” की अवधारणा पर कार्य हो रहा है। सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को अब बिना सिफारिश और भ्रष्टाचार के केवल योग्यता के आधार पर अवसर मिल रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, चेक, आवास की चाबी, टूलकिट और अन्य सहायता सामग्री वितरित की। कृषि विभाग के अंतर्गत संध्या पाल को ट्रैक्टर की चाबी, मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड योजना के तहत सोना देवी एवं राजेश किशोर मिश्रा को कार्ड, स्वयं सहायता समूहों को ई-रिक्शा हेतु डेमो चेक, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थी आयुष कुमार को सहायता चेक तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सुजाता को आवास की चाबी प्रदान की गई।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्बी रानी मौर्य, पूर्व सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया, विधायक सरिता भदौरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता, क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साही, आयुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन, जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इटावा के सर्वांगीण विकास, सुशासन और सांस्कृतिक गौरव को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
