कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में व्यापार बंधु की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के व्यापारियों ने अपनी विभिन्न समस्याएं एवं सुझाव जिलाधिकारी के समक्ष रखे, जिन पर उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद के सभी गोदामों, शोरूमों और दुकानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी के पर्याप्त प्रबंध होने चाहिए तथा अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने ऑटोमैटिक लॉकिंग सिस्टम के प्रयोग में सुरक्षा मानकों का पालन करने पर जोर देते हुए कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में ऐसी व्यवस्था गंभीर खतरा बन सकती है।
व्यापारियों ने मंडी परिषद की लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया को जटिल बताते हुए इसे सरल बनाने की मांग उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि यह विषय मंडी परिषद के स्तर का है, फिर भी व्यापारियों की समस्याओं से परिषद को अवगत कराते हुए प्रक्रिया के सरलीकरण और छोटे व्यापारियों को राहत प्रदान करने के संबंध में पत्र भेजा जाएगा।
बैठक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से संबंधित लाइसेंस की ऑनलाइन प्रक्रिया में कुछ साइबर कैफे द्वारा अधिक शुल्क वसूले जाने की शिकायत भी सामने आई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को मामले की जांच कराने के निर्देश देते हुए कहा कि अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी एक निर्धारित साइबर कैफे के माध्यम से ही आवेदन कराने की व्यवस्था उचित नहीं है।
व्यापारियों ने बैंकिंग संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए बैंक अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत गठित समिति में बैंकिंग मामलों की नियमित समीक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग एवं जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के माध्यम से भी समस्याओं का निराकरण कराया जाता है तथा आगामी व्यापार बंधु बैठक में संबंधित बैंक अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा।
सिंधी मार्केट की दुकानों के किराये को लेकर व्यापारियों ने बताया कि समय पर किराया जमा न होने के कारण कई वर्षों का बकाया एक साथ जमा करना पड़ता है और प्रतिवर्ष तीन प्रतिशत किराया वृद्धि से आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। इस पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार सदर को आवश्यक पत्राचार कर किराया समय से जमा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में व्यापारियों ने व्यापार बंधु बैठकों के समय एवं स्थान में अंतिम समय पर होने वाले बदलाव पर भी आपत्ति जताई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बैठक का समय और स्थान पूर्व निर्धारित कर सभी संबंधित पक्षों को समय रहते सूचित किया जाए ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर व्यापारिक समस्याओं के निस्तारण के लिए गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में राज्यकर विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे
