थाना ऊसराहार क्षेत्र में मजदूरी के बकाया रुपये मांगने पर एक दलित राजमिस्त्री के साथ मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मारपीट, धमकी और एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्राम सुखैया, मौजा कुदरैल निवासी नौरतन जाटव पुत्र रामप्रकाश जाटव ने ऊसराहार थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि वह पेशे से राजमिस्त्री है और पिछले 15 दिनों से जयसिंहपुर निवासी श्यामवीर के यहां काम कर रहा था। आरोप है कि 12 जून को जब वह अपनी मजदूरी के बकाया रुपये मांगने पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने भुगतान करने से इनकार कर दिया और उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया।
पीड़ित के अनुसार वह वहां से चला गया और भोले भट्ठा शिवरा के पास दूसरे काम में लग गया। आरोप है कि कुछ समय बाद जयसिंहपुर निवासी लवकुश पुत्र श्यामवीर, सीमा देवी पत्नी श्यामवीर, विनोद यादव पुत्र केशव सिंह तथा शिल्पी पत्नी जयपाल सिंह वहां पहुंचे और उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला किया तथा जान से मारने की धमकी दी। मारपीट के दौरान उसकी उंगली भी मरोड़ दी गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि एक महिला आरोपी ने चप्पल से भी उसकी पिटाई की। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे संदीप यादव निवासी शिवरा ने बीच-बचाव कर उसे बचाया, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए।
घटना के बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी बलराज सिंह भाटी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 352, 351(3) तथा एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी भरथना द्वारा की जाएगी तथा जांच के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
