विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के रक्त केंद्र में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान रक्तदान के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने वाले रक्तदाता समूह के सदस्यों को सम्मानित किया गया तथा कई स्वयंसेवकों ने रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. आदित्य शिवहरे ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, “रक्तदान करने के लिए किसी सुपरहीरो की पोशाक की जरूरत नहीं होती, बस एक बड़े और दयालु दिल की जरूरत होती है। आगे आएं और रक्तदान करें।”
रक्तदाता समूह के संस्थापक शरद तिवारी ने बताया कि एक यूनिट रक्त से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि लोगों को समय-समय पर स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए, ताकि रक्त केंद्रों में रक्त की कमी न हो और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
डॉ. यतेंद्र ने कहा कि हर वर्ष 14 जून का दिन हमें यह याद दिलाता है कि हमारा थोड़ा-सा रक्त किसी के पूरे परिवार की खुशियां वापस ला सकता है। उन्होंने लोगों से इस महादान का हिस्सा बनने की अपील की।
रक्तदाता समूह के संस्थापक शरद तिवारी के नेतृत्व में आयोजित सम्मान समारोह में रक्तदान और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय सदस्यों को प्रतीक चिन्ह एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में राजीव नरूका, सौरभ परिहार, विमलेश तिवारी, संजय कुमार (पत्रकार, उदी), आशीष माहेश्वरी (सैफई), शिवांशु चौहान, अर्पित चौहान एवं पवन भदौरिया प्रमुख रूप से शामिल रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सैफई विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. डॉ. एस.पी. सिंह, डॉ. आदित्य शिवहरे, ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. श्वेता चौधरी सहित विश्वविद्यालय के कई चिकित्सक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ नियमित रक्तदाताओं के योगदान की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान एक ऐसा महादान है, जो किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता है।
