जनपद में वन विभाग की संरक्षित भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहम्मद गौरी के सेनापति बताए जाने वाले शमशुद्दीन की मजार पर बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटा दिया। यह कार्रवाई राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार फिशर वन क्षेत्र की लगभग 0.0281 हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण किया गया था। मामले की जांच और राजस्व अभिलेखों के सत्यापन के बाद कब्जा हटाने की कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर चार बुलडोजर लगाए गए। अधिकारियों की निगरानी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। प्रशासन ने अवैध निर्माणों को ध्वस्त करते हुए वन विभाग की भूमि को कब्जामुक्त कराया।
अधिकारियों ने बताया कि संरक्षित वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। अधिकारियों का कहना है कि वन संपदा और सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा तथा अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
