इटावा, 09 जून 2026। उप कृषि निदेशक सतीश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 5 जून से 21 जून 2026 तक प्रदेश भर में समेकित जनकल्याण एवं जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे “विकसित कृषि संकल्प अभियान” एवं “खेत बचाव अभियान” को भी इस अभियान से समन्वित कर व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 10 जून से 24 जून तक खरीफ सीजन के दौरान सघन खेत बचाव अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत जनपद में कृषि मेलों, स्वास्थ्य मेलों, विकास प्रदर्शनियों, प्राकृतिक खेती कार्यशालाओं एवं किसान जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
14 जून से 16 जून तक आयोजित जनकल्याण शिविरों एवं स्वास्थ्य मेलों में कृषि विभाग द्वारा कृषक हितैषी योजनाओं, अनुदान कार्यक्रमों, प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा कृषि यंत्रीकरण से संबंधित जानकारी किसानों को दी जाएगी। वहीं 17 जून से 20 जून तक विकास प्रदर्शनियों में विभाग की उपलब्धियों, योजनाओं एवं नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा।
18 एवं 19 जून को आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशालाओं में प्राकृतिक एवं जैविक खेती, गौ आधारित खेती, जल संरक्षण तथा सतत कृषि पद्धतियों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिए जाएंगे। कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों एवं शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों को भी आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही प्रगतिशील किसान अपने अनुभव साझा करेंगे ताकि अन्य किसान प्रेरित हो सकें।
अभियान के दौरान जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, प्राकृतिक कीटनाशी एवं अन्य जैविक कृषि आदानों के निर्माण और उपयोग का जीवंत प्रदर्शन भी कराया जाएगा। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, संतुलित उर्वरक उपयोग, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के वैज्ञानिक प्रयोग, जल संरक्षण, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM), जैविक खाद, हरी खाद तथा जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि अभियान में किसान उत्पादक संगठन (FPO), स्वयं सहायता समूह (SHG), ग्राम प्रधान, सहकारी समितियां, कृषि उद्यमी एवं कृषि स्नातकों की भी सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सभी कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से किया जाएगा।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासनादेश में दिए गए सभी बिंदुओं का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करते हुए अभियान की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए
