इटावा। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (DBA) इटावा ने अधिवक्ताओं के बीच मुकदमों को लेकर होने वाले आपसी विवादों को रोकने के उद्देश्य से बड़ा और सख्त फैसला लिया है। एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 13 मई 2026 से कोई भी अधिवक्ता बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) के किसी दूसरे अधिवक्ता के मुकदमे में वकालतनामा दाखिल नहीं कर सकेगा।
यह निर्णय 12 मई को आयोजित कार्यकारिणी बैठक में लिया गया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी और महामंत्री एडवोकेट नितिन तिवारी ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अधिवक्ताओं के बीच बढ़ते विवादों और पेशेगत मर्यादा बनाए रखने के लिए यह नियम लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिवक्ता इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यह नियम निर्णीत वाद, वाद परिवाद और प्रकीर्ण वादों पर लागू नहीं होगा।
बार एसोसिएशन के इस फैसले को अधिवक्ता समुदाय में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
