ऊसराहार, इटावा। जनपद के ऊसराहार थाना क्षेत्र में इन दिनों जाली नोट खपाने वाले असामाजिक तत्व सक्रिय हो गए हैं। सोमवार शाम बाजार में 500 रुपये के नकली नोट चलाए जाने की घटना सामने आने के बाद स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों में दहशत का माहौल है। हेलमेट पहने एक युवक ने अलग-अलग दुकानदारों को अपना निशाना बनाकर नौ लोगों को जाली नोट थमा दिए।
जानकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब सात बजे ऊसराहार तिराहे के समीप बाइक सवार एक युवक पहुंचा। युवक ने अपनी बाइक एक स्थान पर खड़ी की और सबसे पहले ठेले पर केला बेच रहे अनिल गुप्ता के पास पहुंचा। उसने 50 रुपये के केले खरीदकर 500 रुपये का नोट दिया और बाकी साढ़े चार सौ रुपये वापस लेकर आगे बढ़ गया।

इसके बाद युवक करीब 50 मीटर दूर फल विक्रेता रामपूत के पास पहुंचा, जहां उसने 90 रुपये के आम खरीदे और 500 का नोट देकर बाकी पैसे वापस ले लिए। फिर उसने सुरेश बाथम सहित कई अन्य फल विक्रेताओं से इसी तरह खरीदारी की। युवक ने शब्बीर, प्रेम, पप्पू गुप्ता, रामदास समेत कुल नौ दुकानदारों को अपना शिकार बनाया।
जब देर शाम दुकानदारों ने अपने पैसे गिने तो उन्हें पता चला कि 500 रुपये के नोट नकली हैं। दुकानदारों के अनुसार नोट का रंग असली नोट की तुलना में हल्का था और उस पर बनी हरी पट्टी भी असामान्य तरीके से चमक रही थी। देखने में नोट बिल्कुल असली की तरह प्रतीत हो रहा था, जिससे दुकानदार धोखा खा गए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कोई गिरोह सक्रिय है, जो हेलमेट पहनकर छोटे दुकानदारों को निशाना बना रहा है ताकि पहचान छिपी रहे। ये लोग खासतौर पर शाम के समय और कम रोशनी वाली दुकानों पर जाकर नकली नोट चला रहे हैं।
व्यापार मंडल अध्यक्ष रवी चक्रवर्ती और अनिल कौशल ने दुकानदारों से सतर्क रहने की अपील करते हुए बताया कि नकली नोटों में कुछ खास कमियां देखी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि असली नोट में सुरक्षा धागा रंग बदलता है, जबकि नकली नोट में यह केवल छपा हुआ दिखाई देता है। इसके अलावा नकली नोट में वाटरमार्क या तो बहुत गहरा होता है या धुंधला दिखाई देता है। असली नोट के किनारों पर बनी उभरी हुई लाइनें भी नकली नोट में सपाट महसूस होती हैं।
थानाध्यक्ष बलराज भाटी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति से बड़ा नोट लेते समय उसकी सावधानीपूर्वक जांच करें। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे या कोई जाली नोट देने की कोशिश करे तो तुरंत डायल 112 या पुलिस को सूचना दें
