ऊसराहार। ताखा तहसील परिसर में सोमवार को उपजिलाधिकारी श्वेता मिश्रा की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं एवं प्रबुद्ध वर्ग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आगामी जनगणना के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा ‘स्व-जनगणना’ की डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा देना रहा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने मोबाइल एप के माध्यम से स्वयं अपनी स्व-जनगणना भी की।
बैठक को संबोधित करते हुए एसडीएम श्वेता मिश्रा ने कहा कि जनगणना केवल व्यक्तियों की गिनती नहीं है, बल्कि यह भविष्य के विकास का पूरा खाका है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अस्पताल, स्कूल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जनसंख्या के सटीक आंकड़ों के आधार पर किया जाता है। यदि आंकड़े सही होंगे तभी क्षेत्र को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जनगणना के दौरान सही जानकारी उपलब्ध कराएं। दी गई सभी सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं।

एसडीएम ने ‘स्व-जनगणना’ की डिजिटल व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए बताया कि अब नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से स्वयं अपना विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। इससे समय की बचत होगी और आंकड़ों में त्रुटि की संभावना भी कम रहेगी। उन्होंने बताया कि स्व-जनगणना पूर्ण होने के बाद प्राप्त रेफरेंस नंबर को प्रगणक के आने पर साझा करना होगा, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी।
बैठक में एसडीएम ने अधिवक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि समाज में उनकी बातों का व्यापक प्रभाव होता है। ऐसे में वे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों एवं फरियादियों को जनगणना के प्रति जागरूक करें, ताकि कोई भी परिवार इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य से वंचित न रह जाए।
बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओं ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि वे जन-जन तक जनगणना के महत्व का संदेश पहुंचाएंगे। इस अवसर पर तहसील के अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
