जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में आईजीआरएस (एकीकृत जन शिकायत निवारण प्रणाली) से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई, जिसमें असंतोषजनक फीडबैक मिलने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आईजीआरएस प्रकरणों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा इसकी रिपोर्ट शासन स्तर पर भेजी जाएगी।
बैठक में जानकारी दी गई कि कई विभागों में अब भी असंतोषजनक फीडबैक वाले प्रकरण लंबित हैं। इनमें जिला पूर्ति अधिकारी के 2, जिला खाद्य विपणन अधिकारी के 1, मुख्य चिकित्साधिकारी के 1, प्रांतीय खंड के 1, परियोजना अधिकारी के 1, प्राचार्य इटावा के 1, सहायक आयुक्त खाद्य के 1 तथा सहायक निदेशक स्पोर्ट के 1 प्रकरण शामिल हैं।

सीएम हेल्पलाइन से संबंधित मामलों में भी लापरवाही सामने आई। अधिशासी अभियंता इटावा के 23, कृषि विभाग के 17, अधिशासी यांत्रिक के 11, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के 5, दिव्यांगजन अधिकारी के 4, सामान्य प्रबंधक के 3, जिला पंचायत अधिकारी के 2, रोडवेज के 1 तथा उद्यान विभाग के 1 प्रकरण लंबित पाए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण मौके पर जाकर सत्यापन के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक निस्तारण स्वीकार्य नहीं होगा, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी सुनिश्चित की जाए।
ब्लॉक स्तर पर आईजीआरएस की स्थिति मात्र 59.46 प्रतिशत पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी तथा बैठक एवं प्रशिक्षण के माध्यम से सुधार लाने के निर्देश दिए।
नगर पालिका परिषद स्तर पर भी सभी अधिशासी अधिकारियों को आईजीआरएस प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। विद्युत विभाग में सर्वाधिक शिकायतें मिलने पर जिलाधिकारी ने विशेष नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के लिए जनसामान्य की समस्याओं का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी अधिकारी इसे गंभीरता से लें। साथ ही निर्देश दिए कि सभी अधिकारी प्रतिदिन समय से कार्यालय पहुंचे और प्रातः 10 से 12 बजे तक आमजन की समस्याएं सुनें।
जिलाधिकारी ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ कोषाधिकारी डोगरा शक्ति, समस्त उपजिलाधिकारी, उपकृषि निदेशक आर.एन. सिंह, डीएसटीओ रमेश चंद्र, जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता नगर पालिका परिषद संतोष कुमार मिश्रा सहित सभी खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और सभी अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करें।
