उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मंगलवार को एलपीजी सिलेंडर फटने से बड़ा हादसा हो गया। सिलेंडर के धमाके में पूरा मकान भरभराकर ढह गया, जिसमें परिवार के चार लोग मलबे के नीचे दब गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद सभी को घायल हालत में मलबे से निकाला, जिनमें से इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। मौके पर फॉरेंसिक विभाग की टीम भी पहुंची है। हादसा वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के लहरतारा गांव में हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, वाराणसी के लहरतारा इलाके में एक पुराने और एक मंजिला घर में रहने वालीं गिरिजा देवी सुबह करीब 8 बजे रोज की तरह खाना बनाने के लिए रसोई में गईं। उन्होंने जैसे ही लाइटर जलाया, लीक हो रही गैस ने आग पकड़ी और सिलेंडर फट गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि मकान भरभराकर गिर पड़ा और परिवार के चार लोग मलबे में दब गए। मकान में गिरिजा देवी अपने तीन बच्चों के साथ रह रहीं थी।
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और पुलिस को खबर दी। पुलिस ने किसी तरह सभी को मलबे से निकाला और अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान गिरिजा देवी के 28 साल के बेटे ओमप्रकाश 24 वर्षीय बेटी प्रीति की मौत हो गई। गिरिजा देवी की हालत भी गंभीर बनी हुई है। परिवार के चौथे सदस्य का इलाज ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। धमाके से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। एक दिन पहले ही प्रयागराज में कोल्ड स्टोरेज की बिल्डिंग ढही थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई।
मौके पर पहुंचीं डीसीपी नीतू कादियान ने बताया कि पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को मलबे से बाहर निकाला और ट्रॉमा सेंटर भिजवाया, जहां परिवार के दो लोगों की मौत हो गई।
