भरथना (रिपोर्ट- तनुज श्रीवास्तव, 9720063658)- आर्य समाज मन्दिर भरथना के तत्वाधान् में सम्पन्न हुए विश्व कल्याणक महायज्ञ के दौरान 11 कुण्डीय महायज्ञ में एक सैकडा दम्पत्तियों ने पूर्णाहुति डालकर परमात्मा से सर्वकल्याण की कामना की। साथ ही उपस्थित विद्वानजनों के मुखारबिन्दु से यज्ञ की महत्ता व उसकी उपयोगिता सम्बन्धी ज्ञान श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कस्बा के मुहल्ला गली गोदाम के महर्षि दयानन्द मार्ग स्थित आर्य समाज मन्दिर भरथना के 103वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित पाँच दिवसीय विश्व कल्याणक महायज्ञ व वेदकथा की अमृत वर्षा के अन्तिम दिवस 11 कुण्डीय महायज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें एक सैकडा दम्पत्तियों ने यज्ञ में पूर्णाहुति डाली। यज्ञ के दौरान वैदिक प्रवक्ता आचार्य हरीशंकर अग्निहोत्री ने वैदिक रीति रिवाज के साथ चारों वेदों पर आधारित मंत्रोच्चारण कर यज्ञ में आहुतियां डलवायीं। साथ ही उन्होंने कहा कि यज्ञ विश्व का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। समय-समय पर इसका आयोजन कराना अतिआवश्यक है। इससे जहाँ परमात्मा का आवाहन होता है, वहीं हमारे वातावरण में भी शुद्धता घुलती है। साथ ही यज्ञ की महत्ता व उसकी उपयोगिता से रूबरू कराया तथा ओउम् नाम का जयघोष कराया। कार्यक्रम के दौरान प्रधान अनिल आर्य, मंत्री मोहन आर्य, कोषाध्यक्ष सतेन्द्र आर्य संजू, रामलखन यादव, अजय आर्य, राजकमल गुप्ता, सुधीर श्रीवास्तव, रज्जू पोरवाल, सत्यदेव गुप्ता, शिवम गुप्ता, हरिओम पोरवाल, लक्ष्य आर्य, रिंकू गुप्ता आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। फोटो- यज्ञ में पूर्णाहुति डालते श्रद्धालु दम्पत्ति।
