जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने गैस एजेंसियों को निर्देश दिए कि होम डिलीवरी की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा ई-केवाईसी की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है, केवल अचानक मांग बढ़ने के कारण कुछ व्यावहारिक दिक्कतें सामने आई हैं, जिन्हें अतिरिक्त मैनपावर लगाकर जल्द दूर किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि गैस बुकिंग और वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित एवं पारदर्शी होनी चाहिए। वितरण व्यवस्था की मॉनिटरिंग इस प्रकार की जाए कि यह स्पष्ट रहे कि कितनी बुकिंग हुई और कितने उपभोक्ताओं को सिलेंडर वितरित किया गया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि गैस सिलेंडर का वितरण केवल होम डिलीवरी के माध्यम से किया जाए तथा गोदामों से सीधे वितरण की व्यवस्था पूरी तरह बंद की जाए।
उन्होंने वितरण के दौरान सीरियल नंबर का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के दिए गए पते पर वे उपलब्ध नहीं मिलते हैं, उनके नाम सूची से हटाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि उपभोक्ताओं से केवल निर्धारित शुल्क ही लिया जाए। अतिरिक्त वसूली की शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर कोई रोक नहीं है, लेकिन एक सिलेंडर मिलने के 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग मान्य होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी तक नहीं हुई है, वे इसे जल्द पूरा कर लें, जिससे भविष्य में सिलेंडर बुकिंग में किसी प्रकार की समस्या न आए। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता के प्रति संवेदनशील रहते हुए एक पारदर्शी व्यवस्था विकसित करें, जिससे आम नागरिक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी सहित विभिन्न गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
