बकेवर:- जनता कॉलेज, बकेवर, इटावा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पंचम दिवस का शुभारंभ प्रातः योग साधना से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. एम.पी. यादव ने हार्टफुलनेस योग पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों को ध्यान एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि हार्टफुलनेस ध्यान से मानसिक संतुलन, एकाग्रता एवं सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है, जो व्यक्तित्व निर्माण में सहायक है। प्रथम तकनीकी सत्र कालेज के प्राचार्य प्रो. राजेश किशोर त्रिपाठी के निर्देशन में “मिशन शक्ति एवं नारी शिक्षा” विषयक गोष्ठी के रूप में आयोजित किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता प्रो. एम.पी. यादव ने की। उन्होंने मिशन शक्ति के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन प्रदान करना है।
प्रो. धर्मेंद्र कुमार ने मिशन शक्ति से होने वाले सामाजिक एवं शैक्षिक लाभों की विस्तार से चर्चा की तथा महिला सशक्तिकरण को समाज की प्रगति का आधार बताया। गोष्ठी में स्वयंसेवक आलोक कुमार ने महिला हेल्पलाइन 1090 के महत्व एवं उपयोगिता पर जानकारी दी। प्रतीक्षा, मुक्ता गुप्ता एवं नितिन कुमार ने मिशन शक्ति के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त किए। स्वयंसेवक दिव्यांशु ने नारी शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि शिक्षित नारी ही सशक्त समाज की नींव रखती है। वहीं प्रशांत यादव ने साइबर एवं वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के उपायों पर विस्तृत चर्चा करते हुए जन-जन को जागरूक करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ. मनोज यादव ने मिशन शक्ति एवं वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर अपने विचार साझा करते हुए सभी को इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

द्वितीय तकनीकी सत्र में भरैपुरा के समाजसेवी एवं पूर्व ग्राम प्रधान मनोज कुमार दोहरे ने “शिक्षा क्यों आवश्यक है” विषय पर व्याख्यान देते हुए स्वयंसेवकों से ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की। मंदिर परिसर के प्रबंधक अरविंद कुमार ने मिशन शक्ति के अंतर्गत चल रहे कार्यक्रमों की विशेषताओं पर प्रकाश डाला और इसे सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बताया। तृतीय सत्र में स्वयंसेवकों ने खितौरा गांव का सर्वेक्षण किया।
सर्वेक्षण के दौरान शिक्षा, कृषि एवं रोजगार से संबंधित प्रमुख समस्याओं की जानकारी एकत्र की गई तथा ग्रामीणों से गांव के इतिहास एवं वर्तमान परिस्थितियों के बारे में संवाद स्थापित किया गया। चतुर्थ सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें मिशन शक्ति एवं नारी शिक्षा पर आधारित नुक्कड़ नाटकों का प्रभावशाली मंचन किया गया। कार्यक्रम में खितौरा गांव के समाजसेवी चंद्र मोहन यादव, ध्यान सिंह, रतनलाल एवं सुनील सहित कालेज के लगभग 50 स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सम्पूर्ण कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। पंचम दिवस के विविध आयोजनों ने मिशन शक्ति, नारी शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता के संदेश को प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया।
