बाल विवाह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने एवं समुदाय स्तर पर शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) का वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा के निर्देशन में इटावा पुलिस द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जन-जागरूकता अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जाकर आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा इसके कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है तथा इसमें शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाती है।
इटावा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस अथवा संबंधित विभाग को अवगत कराएं, ताकि समय रहते प्रभावी कार्यवाही की जा सके।
इस अभियान का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाकर बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करना तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में ठोस कदम उठाना है।
