क्षेत्र के ग्राम अधियापुर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव के मुख्य आतिथ्य में एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन एवं कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कड़ाके की ठंड को देखते हुए कार्यक्रम में सैकड़ों जरूरतमंद गरीबों को कंबल वितरित किए गए। कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन समाजसेवी देवेश पचौरी एवं आलोक मिश्रा ‘लालू’ के सौजन्य से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में पहुंचने पर शिवपाल सिंह यादव का ग्राम अधियापुर में ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जोरदार नारों के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता, ग्रामीण, समाजसेवी एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए शिवपाल सिंह यादव ने केंद्र व प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। थानों और तहसीलों में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं हो रहा है, एक से पांच लाख रुपये तक की रिश्वत देने पर ही लोगों के कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसान सबसे अधिक परेशान हैं। सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिल पा रही है, जिससे फसलें सूख रही हैं और किसान कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। शिवपाल यादव ने केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत’ के नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले देश पर कर्ज जीडीपी का लगभग 34 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 93 प्रतिशत हो गया है। जब देश कर्ज में डूबा हो, तो उसे विकसित भारत कैसे कहा जा सकता है?
उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में गरीब किसानों के कर्ज माफ किए जाते थे, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार में पूंजीपतियों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए जा रहे हैं। शिवपाल सिंह यादव ने सपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करें और ठंड के मौसम में कंबल वितरण जैसे सामाजिक कार्य निरंतर जारी रखें।
कार्यक्रम के दौरान शिवपाल सिंह यादव ने कई समाजसेवियों, पत्रकारों, ग्राम प्रधानों एवं पूर्व प्रधानों को सम्मानित किया और कहा कि समाज के निर्माण में इन सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार सुभाष त्रिपाठी ने की, जबकि मंच संचालन राष्ट्रीय कवि मयंक विधौलिया ने प्रभावशाली अंदाज में किया। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, ग्रामीण एवं क्षेत्रीय गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

