सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की बैजल कॉलोनी में उस समय अफरातफरी मच गई जब वरिष्ठ पत्रकार एवं दैनिक जागरण, इटावा के ब्यूरो चीफ गौरव डुडेजा के आवास में एक सांप बिस्तर के नीचे दिखाई दिया। नाग पंचमी के अवसर पर हुए इस अप्रत्याशित घटनाक्रम में घरवालों की सतर्कता और सर्पमित्र की तत्परता से सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

जानकारी के अनुसार, बीती रात गौरव डुडेजा के छोटे भाई की पत्नी किरन ने कमरे की खिड़की से एक सांप को अंदर आते और बिस्तर की ओर जाते हुए देखा। डर के मारे उन्होंने तुरंत कमरे से बाहर निकलकर परिजनों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद कमरा बंद कर दिया गया।
सुबह इस सूचना पर गौरव डुडेजा ने वन्यजीव विशेषज्ञ एवं सर्पमित्र डॉ. आशीष त्रिपाठी को उनके Snake Bite Helpline No. 7017204213 पर सूचना दी। डॉ. त्रिपाठी तत्काल मौके पर पहुंचे और बिस्तर से सांप को सावधानीपूर्वक रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए सांप की पहचान कॉमन वुल्फ स्नेक (लाइकोडॉन) के रूप में हुई जो करैत जैसा दिखता है, परंतु पूर्णत: विषहीन होता है।

डॉ. आशीष ने मौके पर मौजूद परिजनों को जागरूक करते हुए बताया कि बरसात के मौसम में इस तरह के जीव-जंतु घरों में आ जाते हैं, पर घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया, “लाइकोडॉन सांप करैत की तरह दिखता जरूर है, लेकिन यह विषैला नहीं होता और मानव जीवन के लिए किसी भी प्रकार का खतरा नहीं होता।”
साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि घाव से ह्रदय की दिशा में हल्की पट्टी बांधें और तत्काल जिला अस्पताल, मोतीझील की इमरजेंसी (कमरा संख्या 3) में पहुंचें, जहां हर प्रकार के सर्पदंश का इलाज उपलब्ध है।

रेस्क्यू के उपरांत गौरव डुडेजा ने सर्पमित्र डॉ. आशीष त्रिपाठी और उनके सहयोगी ओशन संस्था के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर डॉ. पीयूष दीक्षित का आभार प्रकट किया। इस घटना के दौरान परिवार द्वारा सांप को कोई क्षति न पहुंचाकर उसे सुरक्षित छोड़े जाने का संदेश प्रकृति और जीव संरक्षण की ओर एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
लाइकोडॉन सांप बिल्कुल भी विषैला नहीं होता : डॉ. आशीष त्रिपाठी
