उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में दिनाँक 17 एवं 18 मार्च 2025 को लखनऊ स्थित जल एवं भूमि संस्थान में हीट वेव प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में हीट वेव न्यूनीकरण के लिए किए जाने वाले कार्यों एवं उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यशाला के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने वर्ष 2024 में प्रदेश के सभी 75 जनपदों द्वारा किए गए कार्यों एवं हीट वेव प्रबंधन योजना का मूल्यांकन किया। इस प्रक्रिया में जनपद इटावा की ओर से आपदा विशेषज्ञ अवनीश दुबे एवं सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी यतेंद्र राजपूत ने प्रतिभाग किया। उन्होंने जनपद में हीट वेव से निपटने के लिए किए गए न्यूनीकरण प्रयासों का प्रस्तुतिकरण भी दिया।
प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि बीते वर्षों की तुलना में जनपद में गर्मी की तीव्रता लगातार बढ़ रही है, जिसके दुष्प्रभावों को कम करने के लिए नवाचार, जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रशिक्षण माध्यमों को अपनाया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी (वि/रा) अभिनव रंजन श्रीवास्तव के नेतृत्व में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण इटावा “जीरो टॉलरेंस, अवॉइडेबल डेथ” नीति पर कार्य कर रहा है।

वर्ष 2024 में भीषण गर्मी के दौरान जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, इटावा द्वारा तैयार की गई हीट वेव कार्ययोजना-2024 को प्रभावी रूप से लागू किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। इस कार्ययोजना की बदौलत जनपद में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना दर्ज नहीं की गई।
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों की हीट वेव कार्ययोजनाओं का राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं यूनिसेफ के विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन किया गया। इस प्रक्रिया में इटावा ने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष माननीय श्री योगेंद्र ढिमरी ने इटावा को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 5 जनपदों में प्रथम स्थान के लिए सम्मानित किया।

इस उपलब्धि पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिला पंचायती राज विभाग, चिकित्सा विभाग, अग्निशमन विभाग, शिक्षा विभाग, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत, दैवीय आपदा लिपिक सहित सभी संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना की और आभार प्रकट किया।
