विनय बाथम – नारायन कॉलेज ऑफ साइंस एंड आर्ट्स, इटावा में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ0 नमिता तिवारी (प्रधानाचार्या, जे.एस.के.जी. पॉलीटेकनिक, इटावा), सम्मानित अतिथि पूनम शर्मा, विद्यालय प्रधानाचार्य डॉ0 धर्मेंद्र शर्मा एवं समस्त महिला शिक्षिकाओं द्वारा माता सरस्वती के माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
इसके उपरांत, प्रधानाचार्य डॉ0 धर्मेंद्र शर्मा ने मुख्य अतिथि, सम्मानित अतिथि और विद्यालय की समस्त महिला शिक्षिकाओं का बुके देकर सम्मान किया। अपने अभिभाषण में उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने का दिवस है, जो हर वर्ष 08 मार्च को मनाया जाता है। उन्होंने महिलाओं के संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानियां साझा करते हुए भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और अन्य विदूषी महिलाओं का उल्लेख किया।
प्रतियोगिताओं और सम्मान समारोह का आयोजन कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाने के लिए महिला शिक्षिकाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। पिक दा प्रोप गेम में सीमा मिश्रा विजयी रहीं। भाषण प्रतियोगिता में समीक्षा पाठक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विद्यालय में कई वर्षों से कार्यरत एवं समर्पित शिक्षिकाओं वंदना रावत और गौरी अग्निहोत्री को विशेष सम्मान दिया गया।
मुख्य अतिथि का संदेश मुख्य अतिथि डॉ0 नमिता तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं को आत्मसम्मान महसूस कराने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण शांति, न्याय, समानता और विकास के लिए आवश्यक है और समाज को इसे बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य करना होगा।
कार्यक्रम के अंत में डॉ0 धर्मेंद्र शर्मा और पूनम शर्मा ने मुख्य अतिथि डॉ0 नमिता तिवारी को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस आयोजन को सफल बनाने में उरूसा रिज़वान (स्कूल कोऑर्डिनेटर), सीसीए इंचार्ज ऋतु कनौजिया और एचआर तृप्ती सक्सेना का विशेष योगदान रहा।
