सात साल की मासूम के साथ दरिंदगी के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर उसे एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह घटना दो साल पहले 28 जून 2022 को शहर कोतवाली क्षेत्र में हुई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि पीड़िता की मां मजदूरी के लिए घर से बाहर गई थी, उस दौरान उसकी सात वर्षीय बेटी घर के बाहर खेल रही थी। तभी कटरा फतेह महमूद खां निवासी दिलीप कुमार पुत्र भदई ने बच्ची को टॉफी देने का झांसा देकर अपने साथ ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की।
बच्ची द्वारा आपबीती बताने के बाद परिजनों ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की और केस की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में हुई।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष तिवारी द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायाधीश राखी चौहान ने आरोपी को दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।
