नगर पालिका परिषद में आज बोर्ड बजट बैठक आहूत की गई, जिसमें घाटे का बजट पेश किया गया। बैठक में भाजपा नेता एवं सभासद शरद बाजपेयी ने जनहित में अपने प्रस्ताव रखे और अपने शायराना अंदाज से सभी का ध्यान आकर्षित किया। शरद बाजपेयी ने बैठक में कहा कि सदर विधायक सरिता भदौरिया द्वारा नगर निगम के गठन का जो प्रस्ताव रखा गया है, उसका मैं स्वागत और समर्थन करता हूं। उन्होंने कहा, “अब इटावा को नगर निगम बनाने की जरूरत भी है और यह समय की मांग भी है। मैं विधायक जी को बधाई देता हूं और उनके इस प्रयास की सराहना करता हूं।”

शरद बाजपेयी ने जनहित में कई अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि इटावा नगर के कई वार्डों में सड़कें, फुटपाथ और पुलिया टूटी पड़ी हैं, जिन्हें तत्काल ठीक किया जाए। साथ ही, नगर पालिका द्वारा किए गए व्यय का पूरा ब्योरा, प्रति नग कीमत सहित कुल खर्च, जनता के सामने पेश किया जाए।
उन्होंने अटल पथ के रुके हुए कार्य पर भी आपत्ति जताई। बाजपेयी ने सवाल उठाया, “अटल पथ का काम क्यों रुका हुआ है? प्लेटफार्म अभी तक चौड़ा क्यों नहीं किया गया? लाइटें, फब्बारे और छत्र क्यों नहीं लगाए गए? अटल जी की कविता में गलती को भी अभी तक ठीक नहीं किया गया, सिर्फ हाथ ठीक किए गए और प्लेटफार्म को थोड़ा ऊंचा किया गया। मेरा निवेदन है कि अटल पथ का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।”

शरद बाजपेयी ने कहा कि इटावा की जनता जानना चाहती है कि उनके प्रस्तावों पर कालीवाहन और श्मशान घाट पर हुए कार्यों में फब्बारे, लाइटें आदि पर प्रति नग कितना खर्च हुआ और कुल व्यय कितना रहा। उन्होंने बजट बैठक के संदर्भ में आय-व्यय पर चर्चा करते हुए कहा, “दस महीने चले तहबाजारी ठेके से कितनी वसूली हुई और कितना पैसा नगर पालिका में जमा हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी दी जाए। साथ ही, जिला अस्पताल के बाहर बिना टेंडर लगाए गए वाहन स्टैंड से आठ दिनों में कितना पैसा नगर पालिका में जमा हुआ, इसका ब्योरा भी सामने लाया जाए।”
अपने अंदाज में शरद बाजपेयी ने कहा, “मैं कुछ लोगों की तरह दिखावा नहीं करता। अच्छा हो या बुरा, जैसा भी हूं, ओरिजनल हूं।” उनके इस बयान ने बैठक में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति गुप्ता, ईओ विनय मणि त्रिपाठी सहित सभासद गण और अधिकारी उपस्थित रहे। शरद बाजपेयी के प्रस्तावों और सवालों ने बजट बैठक को जनहित के मुद्दों पर केंद्रित कर दिया।
