नारायन कॉलेज ऑफ साइंस एण्ड आर्ट्स के छात्र/छात्राओं के द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक मॉडल्स एवं प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी लगा कर किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ. धर्मेन्द्र शर्मा प्रधानाचार्य नारायन कॉलेज ऑफ सांइस एण्ड आर्ट्स ने मुख्य अतिथि डॉ.मुकेश यादव सह जिला विद्यालय निरीक्षक एवं समन्वयक विज्ञान क्लब इटावा तथा डॉ.उमेश यादव प्रधानाचार्य चित्रगुप्त इण्टर कॉलेज इटावा,अवनीन्द्र सिंह जादौन विज्ञान प्रसारक को बुके एवं स्मृति चिन्ह भेंट करके किया़।

विज्ञान प्रदर्शनी में देशी जुगाड़,एन्टी डीफॉरेस्टेशन, ई.एम.पी.गन,जनरेट इलैक्ट्रिसिटी,स्वाइललेस फार्मिंग,हाइड्रो पॉवर एल. जी.,स्मार्ट इरीगेशन, कैलिडोस्कोप,डस्टबिन, रेस्पिइरेटिरी सिस्टम,चार्ट, सोलर सिस्टम,ग्रोथ प्लान्ट एण्ड रेलवे सिस्टम आदि माडल का डिस्पले किया गया।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस रमन प्रभाव की खोज के कारण मनाया जाता है।इसकी खोज भारतीय वैज्ञानिक सर चंद्रशेखर वेंकट रमन ने 28 फरवरी सन् 1928 को की थी।इसी खोज के लिये उन्हे 1930 में नोबल पुरस्कार दिया गया था।राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति आकर्षित व प्रेरित करना तथा जनसाधारण को विज्ञान एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों के प्रति सजग बनाना है।विज्ञान के बिना विकास की राह में तीव्रता से आगे नहीं बढ़ा जा सकता है।विज्ञान से गलत धारणा और अंधविश्वासों का विनाश होता है।विज्ञान और तकनीक को प्रसिद्ध करने के साथ ही देश के नागरिकों को इस क्षेत्र में मौका देकर नई ऊँचाइयों को हासिल करना भी इसका मुख्य उद्देश्य है।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ.धर्मेन्द्र शर्मा ने छात्र/छात्राओं को सम्बोधित करते हुये बताया कि देश के विकास के लिए वैज्ञानिक सोच का प्रसार आवश्यक है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस जैसे आयोजन वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रसार में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध हो सकते हैं। विज्ञान के द्वारा ही हम समाज के लोगों का जीवन स्तर अधिक से अधिक खुशहाल बना सकते हैं। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस विज्ञान से होने वाले लाभों के प्रति समाज में जागरूकता लाने और वैज्ञानिक सोच पैदा करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
इस अवसर पर स्कूल कोर्डिनेटर उरूसा रिज़वान,सी.सी.ए.इंचार्ज एंजिल तोमर,ऋतु कनौजिया,ए.टी.एल.इंचार्ज नवीन कुमार एवं टॉनी सायमन आदि उपस्थित रहे।
