डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन इटावा के अध्यक्ष अनिल कुमार गौर ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी इटावा को सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ता अधिनियम 1961 में संशोधन कर लाए जा रहे अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 के प्रावधानों पर कड़ी आपत्ति जताई गई।
बार एसोसिएशन का कहना है कि प्रस्तावित बिल में धारा 4, धारा 9, धारा 24ए, धारा 24बी, धारा 26ए, धारा 35ए, धारा 36, धारा 49ए व धारा 49ए(1) सहित कई ऐसे संशोधन किए जा रहे हैं, जो अधिवक्ताओं के संवैधानिक अधिकारों का हनन करते हैं। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि यह बिल अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 21 (जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार) का उल्लंघन करता है।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन इटावा के सभी अधिवक्ताओं ने 21 फरवरी 2025 को न्यायिक कार्य से पूर्ण रूप से विरत रहकर कचहरी व कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 की प्रतियां जलाकर नाराजगी जताई। इसके साथ ही शांतिपूर्ण मार्च निकालकर बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की।

इस विरोध प्रदर्शन में देवेन्द्र पल सिंह, देवेन्द्र सिंह कुशवाह, शशिवाला चतुर्वेदी, मनोज कुमार, शिवम्, गजेन्द्र पल चौधरी, देवेन्द्र कुमार मिश्रा, सुभाष राजपूत समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि इस बिल को जल्द वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
