मामला 19 अगस्त 2003 का है, जब खाद्य निरीक्षक किशुन चौहान अपनी टीम के साथ जसवंतनगर के फक्कड़पुरा क्षेत्र में जांच कर रहे थे। इस दौरान एक व्यक्ति को दूध बेचते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम उदयवीर पुत्र नाथू राम, निवासी परसौआ, थाना जसवंतनगर बताया। टीम द्वारा किए गए परीक्षण में दूध में मिलावट की पुष्टि हुई, जिसके बाद खाद्य निरीक्षक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए उदयवीर को दोषी करार दिया और उसे एक वर्ष की सजा के साथ एक हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया।
मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त फैसला सुनाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उमेश यादव की अदालत ने मिलावटी दूध बेचने के दोषी पाए गए उदयवीर को एक साल की सजा और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
