जिले में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी सूरज सिंह और सहायक श्रम आयुक्त श्वेता गर्ग के संयुक्त नेतृत्व में एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत औरैया जिले के मूल निवासी एक बालक को मॉल में बाल श्रम करते हुए रेस्क्यू किया गया।
जैसे ही यह टीम रेलवे स्टेशन पहुंची, वहां हलचल मच गई। अभियान के दौरान टीम ने स्टेशन बजरिया क्षेत्र के होटलों, शास्त्री चौराहा स्थित मॉल, और विभिन्न मेडिकल स्टोर्स की गहन जांच की। इस दौरान शेड्यूल एच और एक्स की दवाइयों के साथ-साथ सुरक्षा कैमरों की भी जांच की गई। मॉल में काम कर रहे एक नाबालिग बालक को रेस्क्यू किया गया, जिसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

जिला प्रोबेशन अधिकारी सूरज सिंह ने बताया कि यह बालक छठी कक्षा तक पढ़ चुका है और अब उसकी आगे की शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, प्रवर्तकता कार्यक्रम के तहत उसे आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी ताकि वह बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हो सके।
इस अभियान में कई महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल रहे, जिनमें बाल संरक्षण अधिकारी सोहन गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी अशोक कुमार, प्रोबेशन कार्यालय के अशफाक अहमद, एएचटीयू प्रभारी दिवाकर सरोज, हमराही मोहन सिंह, रूद्र सिंह, थाना कोतवाली के उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह, हेड कांस्टेबल अमर गौतम, प्रेम सिंह, महिला कांस्टेबल मदीना बेगम, सिविल लाइन थाने के उपनिरीक्षक राम विनोद और कांस्टेबल सुमित कुमार यादव शामिल रहे।
