बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चला रहे बिजली विभाग की चेकिंग टीम पर गांव के ग्रामीणों ने हमला कर दिया। हमले के दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने टीम की कारों के शीशे तोड़ दिए और टीम के सदस्यों के मोबाइल छीन लिए। इस घटना में तीन जेई (जूनियर इंजीनियर) समेत अन्य बिजली कर्मचारी किसी तरह जान बचाकर मौके से भागे और सैफई थाने में पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी।
शनिवार को बिजली विभाग के जेई विजय शंकर, राजेश प्रसाद, रामचंद्र व अन्य कर्मचारियों के साथ भटपुरा गांव पहुंचे थे। यहां वे बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चला रहे थे और बकाया वसूली की प्रक्रिया में थे। चेकिंग के दौरान, टीम को गांव के रणवीर सिंह यादव के घर पर अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल करते हुए पाया। जब टीम ने कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू की, तो घर के लोग विरोध करने लगे, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई।

विरोध के बाद, ग्रामीणों ने टीम के सदस्यों से धक्का-मुक्की शुरू कर दी और हमले का शिकार हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने लाठी डंडों से कारों के शीशे तोड़ दिए और जेई व अन्य कर्मचारियों के मोबाइल भी छीन लिए। टीम के सदस्य जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर सैफई थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की सूचना दी।
पुलिस ने जेई विजय शंकर की तहरीर पर चार नामजद आरोपियों, शीलू, लविश यादव, अंकित यादव, जयप्रकाश यादव और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
