मनरेगा के तहत ग्रामीणों को समय पर काम न मिलने से बढ़ रही परेशानियां

Share This

इटावा। राज्य सरकार पंजीकृत मजदूरों को गांवों में ही रोजगार देने के लिए संकल्पबद्ध है और इसके लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) का संचालन किया जा रहा है। हालांकि, इसके बावजूद ग्रामीणों को समय पर काम नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें काम की तलाश में शहरों की ओर रुख करना पड़ रहा है। यह स्थिति ग्रामीण मजदूरों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।

इसका प्रत्यक्ष प्रमाण जिले में मौजूद जॉब कार्डधारक परिवारों की संख्या में देखा जा सकता है। जिले में कुल 1.31 लाख जॉब कार्डधारक परिवार हैं, जिनमें से अब तक केवल 2,752 मजदूरों को 100 दिन का रोजगार मिला है, जबकि 1.28 लाख परिवार 100 दिन का रोजगार पाने से वंचित हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि मनरेगा के तहत काम देने में अपेक्षित गति नहीं है, और लाखों परिवारों को उनके हक का रोजगार नहीं मिल पा रहा है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान जिले के आठों ब्लाकों में 1,31,135 जॉब कार्डधारक परिवारों ने रोजगार के लिए पंजीकरण कराया था। इन बेरोजगारों को उम्मीद थी कि उन्हें अपने गांवों में ही 100 दिन का रोजगार मिलेगा, लेकिन वित्तीय वर्ष के 10 महीने बीत जाने के बाद भी आठों ब्लाकों में से केवल 2,752 परिवारों को ही 100 दिन का रोजगार मिल सका है। इस दौरान 1,28,383 परिवार अब भी 100 दिन का रोजगार पाने से वंचित हैं।

सबसे खराब स्थिति सैफई और ताखा ब्लॉकों की है, जहां केवल 75 और 90 मजदूरों को ही 100 दिन का रोजगार मिल सका है। यह स्थिति यह बताती है कि इन क्षेत्रों में काम देने में गंभीर कमी है और प्रशासन की ओर से उचित कदम नहीं उठाए गए हैं।

डीडीओ राकेश प्रसाद ने बताया कि मनरेगा की समीक्षा बैठक में खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो श्रमिक 80 से 85 दिन तक काम कर चुके हैं, उन्हें जल्द से जल्द 100 दिन का रोजगार दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन ब्लॉकों की प्रगति खराब रही है, उन्हें चेतावनी दी गई है और अब इन ब्लॉकों में काम में तेजी लाने के प्रयास किए जाएंगे।

Share This
अपनी खबर या कोई समस्या इटावा लाइव पर निशुल्क प्रकाशित करने हेतु हमें Whatsapp - 7017070200, Email – etawah.news@gmail.com पर जरुर भेंजें।

Read more

वोट करें

हमारा इटावा

गोलियां चलती रहीं, ‘वंदे मातरम्’ गूंजता रहा: इटावा के तीन अमर शहीदों की शौर्य गाथा

31 मार्च 1931 की वह सुबह ताखा क्षेत्र के लिए किसी उत्सव से कम नहीं थी। नगला ढकाऊ की गलियों में खुशियों की लहर...

शिक्षाविद

अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट शिक्षा का पर्याय, इटावा में केमिस्ट्री के सर्वश्रेष्ठ गुरु: विपिन पटेल

विपिन पटेल इटावा में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्होंने अपने समर्पण और मेहनत से हजारों छात्रों को सफलता की राह...

राजनीतिज्ञ

सरिता भदौरिया : इटावा की आयरन लेडी और भाजपा की एक सशक्त नेता

इटावा की राजनीति में जब भी महिलाओं के योगदान की बात होती है, तो सरिता भदौरिया का नाम अग्रणी रूप से लिया जाता है।...

प्रशासनिक अधिकारी

जनता के साथ खड़े रहने वाले जिलाधिकारी इटावा शुभ्रांत कुमार शुक्ल(IAS)

शुभ्रांत कुमार शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1970 को उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद में हुआ। प्रारम्भिक जीवन से ही वे अध्ययन में अत्यंत...

प्रमुख संस्थान

द लेडी कैफे: एक प्रीमियम मेकअप स्टुडियो, सैलून एवं फैशन बुटीक

आज के जीवन में सौंदर्य और आकर्षण का महत्व बहुत बढ़ गया है। हर व्यक्ति खुद को सुंदर, आत्मनिर्भर और प्रभावशाली दिखना चाहता है।...

चिकित्सक

डॉ. शिवओम वर्मा: एक समर्पित बाल रोग विशेषज्ञ और नवजात शिशु चिकित्सक

डॉ. शिवओम वर्मा एक उभरता हुआ नाम जो इटावा में नवजात शिशु और बालरोग विशेषज्ञ के रूप में विख्यात है। वह कुशल और अनुभवी...

चर्चित व्यक्तिव

राजनीति, कर्मचारी आंदोलन और शिक्षा, हरि किशोर तिवारी की बहुआयामी पहचान

इंजीनियर हरि किशोर तिवारी का नाम उत्तर प्रदेश के कर्मचारी आंदोलन, राजनीति और शिक्षा जगत में एक जाना-पहचाना नाम है। उन्होंने साधारण पृष्ठभूमि से...

पत्रकार

वेदव्रत गुप्ता: वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता का अद्वितीय संगम

यहाँ कहीं न कहीं जीवन के हर क्षेत्र में सफल होने का रहस्य यही है कि हम कठिनाइयों के मुकाबले संघर्ष करते हैं और...

टॉप आर्टिकल्स

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

व्यवसायी

उर्मिला शाक्य: “द लेडी कैफे” की प्रबंधक एवं ब्यूटी वेलनेस सेवाओं की अग्रणी विशेषज्ञ

उर्मिला शाक्य इटावा के बेहतरीन ब्यूटी सलून "The Lady Cafe- Makeup Studio, Salon and Academy"  की प्रबंधक हैं। वह ब्यूटी और वेलनेस सेवाओं में...

समाजसेवी

रूबी शर्मा: इटावा की एक प्रेरणादायक समाजसेवी

रूबी शर्मा, एक समर्पित और प्रेरणादायक समाजसेवी, जनपद इटावा में अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए जानी जाती हैं। वे नेकी मानव सेवा संस्थान की...

पूर्व अधिकारी

जनहित के संकल्प के साथ 35 वर्षों की शासकीय सेवा: जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह

जिला पंचायत राज अधिकारी इटावा, बनवारी सिंह का जन्म 05 फरवरी 1966 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद के बालनपुर गाँव में हुआ। ग्रामीण...