नारायन कॉलेज ऑफ साइंस एण्ड आर्ट्स के विशाल प्रांगण में चौदहवें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर समस्त शिक्षकों और छात्रों ने मतदान करने और कराने की शपथ ली। कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतंत्र के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नागरिकों को उनके मताधिकार के प्रति जिम्मेदार बनाना था।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. धर्मेन्द्र शर्मा ने छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। उन्होंने लोकतंत्र की मूल शक्ति को नागरिकों में निहित बताते हुए मतदान के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लोकतंत्र का त्यौहार बताते हुए कहा कि इसमें देश के मतदाताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि देश के मतदाता ही लोकतंत्र के सबसे मजबूत स्तंभ होते हैं। उनके द्वारा चुनाव के माध्यम से सरकारों का गठन किया जाता है। उन्होंने बताया कि भारत में हर वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन किया जाता है, ताकि मतदाताओं को उनके अधिकार और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा सके।

इस अवसर पर डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस सभी नागरिकों को उनके कर्तव्यों की याद दिलाता है। उन्होंने एक-एक मत की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि हर मत से ही देश की सरकार चुनी जाती है। इस दिवस का उद्देश्य नागरिकों को लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करना है।
