इटावा डिपो की कानपुर-औरैया रोड पर चलने वाली बसों में कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। खासतौर पर घने कोहरे की शुरुआत के साथ ही बसों में फॉग लाइट का न होना यात्रियों के लिए खतरे का कारण बन रहा है। इस रोडवेज बस की खामियों में फॉग लाइट का न होना और खराब खिड़की शीशे जैसे मुद्दे शामिल हैं। इन समस्याओं को लेकर यात्रियों और ड्राइवरों में असुविधा उत्पन्न हो रही है।

यह बस इटावा डिपो की अनुबंधित बस है, जो इटावा से किशनी, बेबर होते हुए फर्रुखाबाद तक जाती है। इस बस की खिड़की का शीशा टूटा हुआ है, जिससे गाड़ी चलने के दौरान हवा सीधे यात्रियों तक पहुंचती है। इससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है और ठंड के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।

इसके अलावा, सैफई डिपो की एक और बस में खिड़की का शीशा जाम है, जो बंद नहीं होता है। इस कारण बस के अंदर ठंडी हवा आ जाती है और यात्रियों को गाड़ी चलने के दौरान काफी परेशानी होती है। यात्रियों को ठंड से बचने के लिए सीट पर सिकुड़कर बैठना पड़ता है। इस स्थिति को सुधारने के लिए रोडवेज परिवहन निगम को जल्द ही कदम उठाने की आवश्यकता है।
हालांकि, इटावा डिपो में कुछ सकारात्मक बदलाव भी हो रहे हैं। रोडवेज परिवहन निगम ने मुख्यालय से 20 नई बसें आवंटित की थीं, जिनमें से 4 बसें इटावा डिपो को दी गईं। इन नई बसों को अलग-अलग मार्गों पर चलाने का निर्णय लिया गया है, जिससे यात्रा में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
इटावा डिपो की दो नई बसें बरेली और अयोध्या के लिए चलाई जाएंगी। बरेली जाने वाली बस सुबह 7 बजे रवाना होगी और दोपहर 2 बजे लौटेगी। वहीं, अयोध्या जाने वाली बस सुबह 10 बजे इटावा से प्रस्थान करेगी। इससे क्षेत्रीय यात्रियों को सुविधा होगी और यात्रा में समय की बचत होगी।

इसके साथ ही, इटावा डिपो की दो नई बसें दिल्ली रूट पर भी चलाई जाएंगी। इन बसों को शाम के समय भेजा जाएगा, जिससे दिल्ली जाने वाले यात्रियों को आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी।
इटावा डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मयंक कुमार सिंह ने इस बारे में जानकारी दी और बताया कि नई बसों के चलने से जिले के लोग और आसपास के क्षेत्र के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि नई बसों के आने से यात्रा का अनुभव बेहतर होगा और यात्रियों को सुकून मिलेगा।

रोडवेज परिवहन निगम की यह पहल यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन बसों की स्थिति में सुधार करना और उनकी उचित देखभाल करना भी जरूरी है।
