सर्द मौसम के कारण किसानों की चिंताएं बढ़ी

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इटावा जसवंत नगर। बीते दिवस शुक्रवार से आसमान में बादल छाने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रहीं हैं। आसमान में बादलों की आवाजाही से किसान चिंतित है। मौसम के बदलाव को लेकर किसान अपनी फसलों कोदेखकर चिंतित हैं क्योंकि आलू, सरसों, मिर्ची के अलावा हरी सब्जियों में नुकसान की आशंका जताई गई है यदि बेमौसम बारिश होती है तो अधिक नुकसान हो सकता है।

दिसंबर के अंत में मौसम ने एक बार फिर से करवट बदल ली है। वहीं किसानों की धड़कने फिर से तेज हो गईं। मौसम अपना असर पूरी तरह से दिखा रहा है। शुक्रवार सुबह के समय आसमान में बादलों के छाए रहने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।सुबह को लोगों की नींद खुली तो आसमान में बादल नजर आए। दिन भर बादल छाए रहे। उत्तरी हवाएं चल रही थीं। इसे देख किसानों के होश उड़ गए। उन्हें आलू और फूलों से लदी हुई खड़ी सरसों की फसल को बर्बाद होने की आशंका है। किसानों के खेतों में अभी आलू की फसल खड़ी है। कुछ किसानों खेतों में सरसों, मिर्ची, धनियां, हरी सब्जियों आदि फसलें खड़ी हुई हैं इनके लिए भी मौसम साफ होने चाहिये का इंतजार कर रहे हैं जिससे फसल सही समय से तैयार हो जाए। किसानों को लगातार परेशानियों से जूझना पड़ रहा है जबकि किसान दिनरात मेहनत करके अपने परिवार का पालन पोषण करता है। किसानों के मुंह से भगवान के लिए कुछ अलफाज निकल रहे हैं। हे भगवान ये तू क्या कर रहा है, खेतों में खड़ी फसल का नुकसान करना चाहता है। यह बात किसानों के मुंह पर है। वह मौसम के बदले रुख को देखकर सहमे हैं कि अगर बारिश हुई तो सब कुछ सत्यानाश हो जाएगा। शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदला और आसमान पर बादलों की चहल कदमी से किसानों के चेहरे की मुस्कान गुल हो गई। जबकि किसानों को चिंता सताने लगी है कि पहले ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हुई थीं। अब उससे बचा तो मौसम फिर बिगड़ा तो किसान परेशान हो उठे। सहमे किसान भगवान को जी भरकर कोस रहे हैं। किसानों का कहना है कि हल्की बारिश हुई तो आलू और सरसों की फसल के साथ हरी सब्जियां नष्ट हो जाएंगी। क्षेत्र के किसानों में आए दिन मौसम की मार से किसानों में हाहाकार मचा हुआ है। सबसे बड़ी बात यह है कि फसलों की बर्बादी का यह मंजर उन किसानों को तो दिखाई देता है जो अपनी गाढ़ी मेहनत से या फिर कर्जा लेकर फसल को पैदा कर रहे हैं।
मौसम लगातार किसानों को रुलाता चला आ रहा है। दिसंबर के अंत में जनवरी के शुरुआत में यदि बारिश ने किसानों को जख्म दिया तो किसान बर्बाद हो जाएगा। इसका सिलसिला लगातार चला आ रहा है। इन झटकों से बेहाल किसान अभी संभल पाते कि शुक्रवार की से ही मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ नजर आ रहा है। रह-रहकर आसमान में काले बादल नजर आ जाते हैं। मौसम में हो रहे लगातार बदलाव से प्रतिवर्ष किसानों की तैयार फसल बर्बाद होती है।
विगत वर्ष की तरह इस वर्ष भी आलू और सरसों की फसल तैयार होने के कगार पर मौसम में आए दिन परिवर्तन से किसानों के होश उड़ हुए हैं। शुक्रवार की सुबह से आसमान पर बादलों का जमावड़ा देख किसान काफी परेशान नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। सुबह कुछ देर के लिए हल्की धूप रही। इसके बाद मौसम में बदलाव देखने को मिला। बीते दिनों के मुकाबले सर्दी कुछ ज्यादा रही। तापमान पर भी असर देखने को मिला। बदलते मिजाज से किसानों के माथे पर चिता की लकीरें देखने को मिल रही हैं। वहीं बारिश होने के संकेत मौसम विज्ञानी ने दिए हैं।

*सर्दी में आलू किसानों को सता रहा पाले का डर*
मौसम के बदले रुख के चलते आलू और सरसों की फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। दो दिनों से चटक धूप के बावजूद सर्द हवाएं चल रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवाओं के रुकने के बाद कोहरा दस्तक दे सकता है। इसका असर आलू और सरसों की फसल पर ज्यादा देखने को मिलेगा। सर्दी से फसल के बचाव के लिए किसानों ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। ऐसे में कोहरे की दस्तक फसल को प्रभावित कर सकती है, जिससे निपटने के लिए किसान आग और पानी का सहारा ले रहे हैं।
शनिवार को सुबह के वक्त मौसम साफ देखकर किसान काफी खुश थे लेकिन अचानक मौसम ने करवट बदली और कोहरे के साथ साथ बादल छा गए। यह देखकर किसान परेशान हो गए। शाम तक मौसम इतना बर्फीला हो गया कि आलू और सरसों की फसल में पाला पड़ने का डर सताने लगा है। सर्द हवाओं के ठहराव के साथ कोहरे की चपेट में आने से सरसों और आलू की फसल में नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
बताया गया है कि हवा के करवट लेने के साथ गलन बढ़ी है। एक दो दिन में मौसम में और ज्यादा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। ऐसे में आलू की फसल को पाले का डर है, इसलिए किसान पाले से आलू और सरसों की फसल को बचाने के लिए हल्की सिंचाई करें। खेत के चारों ओर धुआं करें जिससे तापमान थोड़ा बढ़ेगा और पाले से फसल कुछ हद तक सुरक्षित रह सकेगी।
कई दिनों से दिन का मौसम गर्म व रात का मौसम गलन भरा हो रहा है। यही मौसम आलू व सरसों की फसल के लिए नुकसान दायक है।

किसान संजीव प्रताप ने बताया कि रात को मौसम काफी ठंडा हो गया है। ऐसे में आलू की फसल को ठंड से बचाने के लिए हल्की सिंचाई कर रहे हैं, जिससे फसल सुरक्षित रह सके। किसान पुनीत कुमार ने कहा कि सर्द हवा चलने से मौसम काफी बर्फीला हो गया है, जिससे आलू की फसल में नुकसान होने का डर है। उसी से बचाव के उपाय कर रहे हैं। किसान अनिल कुमार ने कहा कि तीन चार दिन से दिन व रात के मौसम में काफी बदलाव हो गया है। दिन में काफी ठंडी हवा चल रही है, जिससे रात को मौसम गलन भरा हो गया है।

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